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प्रलेखन

1 - कुबेरनेट्स क्या है?

कुबेरनेट्स कंटेनरीकृत वर्कलोड और सेवाओं के प्रबंधन के लिए एक पोर्टेबल, एक्स्टेंसिबल, ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म है, जो घोषणात्मक कॉन्फ़िगरेशन और स्वचालन दोनों की सुविधा प्रदान करता है। इसका एक बड़ा, तेजी से बढ़ता हुआ पारिस्थितिकी तंत्र है। कुबेरनेट्स सेवाएँ, समर्थन और उपकरण व्यापक रूप से उपलब्ध हैं।

यह पृष्ठ कुबेरनेट्स का एक अवलोकन है।

कुबेरनेट्स कंटेनरीकृत वर्कलोड और सेवाओं के प्रबंधन के लिए एक पोर्टेबल, एक्स्टेंसिबल, ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म है, जो घोषणात्मक कॉन्फ़िगरेशन और स्वचालन दोनों की सुविधा प्रदान करता है। इसका एक बड़ा, तेजी से बढ़ता हुआ पारिस्थितिकी तंत्र है। कुबेरनेट्स सेवाएँ, समर्थन और उपकरण व्यापक रूप से उपलब्ध हैं।

कुबेरनेट्स नाम ग्रीक से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है हेल्समैन या पायलट। K8s एक संक्षिप्त नाम के रूप में "K" और "s" के बीच आठ अक्षरों को गिनने का परिणाम है। Google ने 2014 में कुबेरनेट्स प्रोजेक्ट को ओपन-सोर्स किया। कुबेरनेट्स गूगल के 15 से अधिक वर्षों के अनुभव को समुदाय से सर्वोत्तम नस्ल के विचारों और प्रथाओं के साथ बड़े पैमाने पर उत्पादन कार्यभार को जोड़ती है।

काल में वापस जाना

आइए काल में वापस जाकर एक नज़र डालते हैं कि कुबेरनेट्स इतना उपयोगी क्यों है।

डिप्लॉयमेंट का विकास

पारंपरिक डिप्लॉयमेंट युग: प्रारंभ में, संगठनों ने भौतिक (physical) सर्वरों पर एप्लिकेशन चलाए। भौतिक (physical) सर्वर में एप्लिकेशनो के लिए संसाधन सीमाओं को परिभाषित करने का कोई तरीका नहीं था, और इससे संसाधन आवंटन समस्याएं उत्पन्न हुईं। उदाहरण के लिए, यदि एक से अधिक एप्लिकेशने एक भौतिक सर्वर पर चलते हैं, तो ऐसे उदाहरण हो सकते हैं जहां एक एप्लिकेशन अधिकांश संसाधनों को ले लेगा, और इसके परिणामस्वरूप, अन्य एप्लिकेशने खराब प्रदर्शन करेंगे। इसका एक समाधान यह होगा कि प्रत्येक एप्लिकेशन को एक अलग भौतिक सर्वर पर चलाया जाए। लेकिन यह पैमाना नहीं था क्योंकि संसाधनों का कम उपयोग किया गया था, और संगठनों के लिए कई भौतिक सर्वरों को बनाए रखना महंगा था।

वर्चुअलाइज्ड डिप्लॉयमेंट युग: एक समाधान के रूप में, वर्चुअलाइजेशन पेश किया गया था। यह आपको एक भौतिक सर्वर के सीपीयू (CPU) पर कई वर्चुअल मशीन (वीएम) चलाने की अनुमति देता है। वर्चुअलाइजेशन एप्लिकेशनो को वीएम (VM) के बीच अलग-थलग करने की अनुमति देता है और सुरक्षा का एक स्तर प्रदान करता है क्योंकि एक एप्लिकेशन की जानकारी को दूसरे एप्लिकेशन द्वारा स्वतंत्र रूप से एक्सेस नहीं किया जा सकता है।

वर्चुअलाइजेशन एक भौतिक सर्वर में संसाधनों के बेहतर उपयोग की अनुमति देता है और बेहतर मापनीयता की अनुमति देता है क्योंकि एक एप्लिकेशन को आसानी से जोड़ा या अपडेट किया जा सकता है, हार्डवेयर लागत को कम करता है, और बहुत कुछ। वर्चुअलाइजेशन के साथ आप भौतिक संसाधनों का एक सेट डिस्पोजेबल वर्चुअल मशीनों के समूह के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रत्येक वीएम वर्चुअलाइज्ड हार्डवेयर के शीर्ष पर अपने स्वयं के ऑपरेटिंग सिस्टम सहित सभी घटकों को चलाने वाली एक पूर्ण मशीन है।

कंटेनर डिप्लॉयमेंट युग: कंटेनर VMs के समान होते हैं, लेकिन उनके पास एप्लिकेशनो के बीच ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) को साझा करने के लिए अलगाव गुण होते हैं। इसलिए, कंटेनरों को हल्का माना जाता है। वीएम (VM) के समान, एक कंटेनर का अपना फाइल सिस्टम, सीपीयू का हिस्सा, मेमोरी, प्रोसेस स्पेस और बहुत कुछ होता है। चूंकि वे अंतर्निहित बुनियादी ढांचे से अलग हो गए हैं, वे बादलों और ओएस (OS) वितरण में पोर्टेबल हैं।

कंटेनर लोकप्रिय हो गए हैं क्योंकि वे अतिरिक्त लाभ प्रदान करते हैं, जैसे:

  • अजाइल (Agile) एप्लिकेशन निर्माण और डिप्लॉयमेंट: VM इमेज उपयोग की तुलना में कंटेनर इमेज निर्माण की आसानी और दक्षता में वृद्धि हुई है।
  • निरंतर विकास, एकीकरण और डिप्लॉयमेंट: विश्वसनीय और लगातार कंटेनर इमेज निर्माण और त्वरित और कुशल रोलबैक के साथ तैनाती (इमेज अपरिवर्तनीयता के कारण) प्रदान करता है।
  • डेव (Dev) और ऑप्स (Ops) चिंताओं का पृथक्करण: डिप्लॉयमेंट समय के बजाय बिल्ड/रिलीज़ समय पर एप्लिकेशन कंटेनर इमेजेस (images) बनाएं, जिससे बुनियादी ढांचे से एप्लिकेशनो को अलग किया जा सके।
  • अवलोकन: न केवल ओएस-स्तर की जानकारी और मेट्रिक्स को सतह पर रखता है, बल्कि एप्लिकेशन स्वास्थ्य और अन्य संकेतों को भी लागू करता है।
  • विकास, परीक्षण और उत्पादन में पर्यावरणीय स्थिरता: लैपटॉप पर वैसे ही चलता है जैसे क्लाउड में चलता है।
  • क्लाउड और ओएस (OS) वितरण पोर्टेबिलिटी: उबंटू, RHEL, coreOS, ऑन-प्रिमाइसेस, प्रमुख सार्वजनिक क्लाउड पर और कहीं भी चलता है।
  • एप्लिकेशन-केंद्रित प्रबंधन: वर्चुअल हार्डवेयर पर OS चलाने से लेकर तार्किक संसाधनों का उपयोग करके OS पर एप्लिकेशन चलाने तक अमूर्तता के स्तर को बढ़ाता है ।
  • शिथिल युग्मित, वितरित, लोचदार, मुक्त सूक्ष्म सेवाएँ: एप्लिकेशन को छोटे, स्वतंत्र टुकड़ों में तोड़ा जाता है और उन्हें गतिशील रूप से तैनात और प्रबंधित किया जा सकता है - एक बड़ी एकल-उद्देश्य वाली मशीन पर चलने वाला एक मोनोलिथिक स्टैक नहीं।
  • संसाधन अलगाव: अनुमानित एप्लिकेशन प्रदर्शन।
  • संसाधन उपयोग: उच्च दक्षता और घनत्व।

आपको कुबेरनेट्स की आवश्यकता क्यों है और यह क्या कर सकता है

कंटेनर आपके एप्लिकेशनो को बंडल करने और चलाने का एक अच्छा तरीका है। उत्पादन के माहौल में, आप को उन कंटेनरों को प्रबंधित करने की आवश्यकता होती है जो एप्लिकेशने चलाते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि कोई डाउनटाइम नहीं है। उदाहरण के लिए, यदि एक कंटेनर बंद हो जाता है, तो दूसरे कंटेनर को शुरू करने की आवश्यकता होती है। क्या यह आसान नहीं होगा यदि इस व्यवहार को एक प्रणाली द्वारा नियंत्रित किया जा सके ?

इस तरह कुबेरनेट्स बचाव के लिए आता है! कुबेरनेट्स आपको वितरित सिस्टम को लचीलेपन से चलाने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है। यह आपके एप्लिकेशन के लिए स्केलिंग और फेलओवर का ख्याल रखता है, डिप्लॉयमेंट पैटर्न प्रदान करता है, और भी बहुत कुछ। उदाहरण के लिए, कुबेरनेट्स आपके सिस्टम के लिए कैनरी डिप्लॉयमेंट को आसानी से प्रबंधित कर सकता है।

कुबेरनेट्स आपको प्रदान करता है:

  • सेवा की खोज और लोड संतुलन कुबेरनेट्स DNS नाम का उपयोग करके या अपने स्वयं के आईपी (IP) पते का उपयोग करके एक कंटेनर को उजागर कर सकता हैं। यदि एक कंटेनर में ट्रैफ़िक अधिक है, तो कुबेरनेट्स लोड बैलेंस करने और नेटवर्क ट्रैफ़िक को वितरित करने में सक्षम है ताकि डिप्लॉयमेंट स्थिर हो।
  • स्टोरेज ऑर्केस्ट्रेशन कुबेरनेट्स आपको अपनी पसंद के स्टोरेज सिस्टम को स्वचालित रूप से माउंट करने की अनुमति देता है, जैसे कि स्थानीय स्टोरेज, पब्लिक क्लाउड प्रोवाइडर, और बहुत कुछ।
  • स्वचालित रोलआउट और रोलबैक आप कुबेरनेट्स का उपयोग करके अपने तैनात कंटेनरों के लिए वांछित स्थिति का वर्णन कर सकते हैं, और यह वास्तविक स्थिति को नियंत्रित दर पर वांछित स्थिति में बदल सकता है। उदाहरण के लिए, आप अपने डिप्लॉयमेंट के लिए नए कंटेनर बनाने के लिए कुबेरनेट्स को स्वचालित कर सकते हैं, मौजूदा कंटेनरों को हटा सकते हैं और उनके सभी संसाधनों को नए कंटेनर में अपना सकते हैं।
  • **स्वचालित बिन पैकिंग ** आप कुबेरनेट्स को नोड्स के एक समूह के साथ प्रदान करते हैं जिसका उपयोग वह कंटेनरीकृत कार्यों को चलाने के लिए कर सकता है। आप कुबेरनेट्स को बताते हैं कि प्रत्येक कंटेनर को कितना सीपीयू और मेमोरी (रैम) चाहिए। कुबेरनेट्स आपके संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए कंटेनरों को आपके नोड्स में फिट कर सकता है।
  • सेल्फ-हीलिंग कुबेरनेट्स विफल कंटेनरों को फिर से शुरू करता है, कंटेनरों को बदल देता है, उन कंटेनरों को नष्ट कर देता है जो आपकी उपयोगकर्ता-परिभाषित स्वास्थ्य जांच का जवाब नहीं देते हैं, और जब तक वे सेवा के लिए तैयार नहीं होते हैं, तब तक ग्राहकों को उनका विज्ञापन नहीं करते हैं।
  • सीक्रेट और कॉन्फ़िगरेशन प्रबंधन कुबेरनेट्स आपको पासवर्ड, OAuth टोकन और SSH कुंजियों जैसी संवेदनशील जानकारी को संग्रहीत और प्रबंधित करने देता है। आप अपनी कंटेनर इमेजेस (images) के पुनर्निर्माण के बिना, और अपने स्टैक कॉन्फ़िगरेशन में रहस्यों को उजागर किए बिना रहस्यों और एप्लिकेशन कॉन्फ़िगरेशन को तैनात और अपडेट कर सकते हैं।

कुबेरनेट्स क्या नहीं है :

कुबेरनेट्स एक पारंपरिक, सर्व-समावेशी PaaS (एक सेवा के रूप में प्लेटफ़ॉर्म) प्रणाली नहीं है। चूंकि कुबेरनेट्स हार्डवेयर स्तर के बजाय कंटेनर स्तर पर काम करता है, यह कुछ सामान्य रूप से लागू सुविधाओं को प्रदान करता है, जैसे कि तैनाती, स्केलिंग, लोड बैलेंसिंग, और उपयोगकर्ताओं को उनके लॉगिंग, निगरानी और अलर्ट समाधान को एकीकृत करने देता है। हालाँकि, कुबेरनेट्स मोनोलिथिक नहीं है, और ये डिफ़ॉल्ट समाधान वैकल्पिक और प्लग करने योग्य हैं। कुबेरनेट्स डेवलपर प्लेटफॉर्म के निर्माण के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स प्रदान करता है, लेकिन जहां यह महत्वपूर्ण है वहां उपयोगकर्ता की पसंद और लचीलेपन को बरकरार रखता है।

कुबेरनेट्स:

  • समर्थित एप्लिकेशनो के प्रकारों को सीमित नहीं करता है। कुबेरनेट्स का उद्देश्य स्टेटलेस, स्टेटफुल और डेटा-प्रोसेसिंग वर्कलोड सहित अत्यंत विविध प्रकार के वर्कलोड का समर्थन करना है। यदि कोई एप्लिकेशन कंटेनर में चल सकता है, तो उसे कुबेरनेट्स पर बहुत अच्छा चलना चाहिए।
  • स्रोत कोड डेप्लॉय नहीं करता है और आपके एप्लिकेशन का निर्माण नहीं करता है। कंटीन्यूअस इंटीग्रेशन, डिलीवरी और डिप्लॉयमेंट(CI/CD) कार्यप्रवाह संगठन संस्कृतियों और प्राथमिकताओं के साथ-साथ तकनीकी आवश्यकताओं द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
  • एप्लिकेशन-स्तरीय सेवाएं प्रदान नहीं करता है, जैसे कि मिडलवेयर (उदाहरण के लिए, message buses), डेटा-प्रोसेसिंग फ्रेमवर्क (उदाहरण के लिए, spark), डेटाबेस (उदाहरण के लिए, MySQL), कैश, और न ही क्लस्टर स्टोरेज सिस्टम (उदाहरण के लिए, Ceph) अंतर्निहित सेवाओं के रूप में। ऐसे घटक कुबेरनेट्स पर चल सकते हैं, और/या ओपन सर्विस ब्रोकर जैसे पोर्टेबल तंत्र के माध्यम से कुबेरनेट्स पर चल रहे एप्लिकेशनो द्वारा एक्सेस किए जा सकते हैं।
  • लॉगिंग, मॉनिटरिंग या अलर्टिंग सॉल्यूशंस को निर्देशित नहीं करता है। यह अवधारणा के प्रमाण के रूप में कुछ एकीकरण प्रदान करता है, और मेट्रिक्स एकत्र करने और निर्यात करने के लिए तंत्र प्रदान करता है।
  • कॉन्फ़िगरेशन भाषा/सिस्टम (उदाहरण के लिए, Jsonnet) प्रदान नहीं करता है और न ही अनिवार्य करता है। यह एक घोषणात्मक API प्रदान करता है जिसे घोषणात्मक विनिर्देशों के मनमाने रूपों द्वारा लक्षित किया जा सकता है।
  • कोई व्यापक मशीन कॉन्फ़िगरेशन, रखरखाव, प्रबंधन, या स्वयं-उपचार प्रणाली प्रदान नहीं करता है और न ही अपनाता है।
  • इसके अतिरिक्त, कुबेरनेट्स केवल एक ऑर्केस्ट्रेशन प्रणाली नहीं है। वास्तव में, यह ऑर्केस्ट्रेशन की आवश्यकता को समाप्त करता है। ऑर्केस्ट्रेशन की तकनीकी परिभाषा एक परिभाषित वर्कफ़्लो का निष्पादन है: पहले ए (A) करें, फिर बी (B), फिर सी (C)। इसके विपरीत, कुबेरनेट्स में स्वतंत्र, कंपोज़ेबल नियंत्रण प्रक्रियाओं का एक सेट शामिल है जो वर्तमान स्थिति को प्रदान की गई वांछित स्थिति की ओर लगातार चलता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप ए से सी कैसे प्राप्त करते हैं। केंद्रीकृत नियंत्रण की भी आवश्यकता नहीं है। इसका परिणाम एक ऐसी प्रणाली में होता है जो उपयोग में आसान और अधिक शक्तिशाली, मजबूत, लचीला और एक्स्टेंसिबल है।

आगे क्या है

2 - कुबेरनेट्स प्रलेखन

कुबेरनेट्स कंटेनरीकृत एप्लीकेशन के परिनियोजन, स्केलिंग और प्रबंधन को स्वचालित करने के लिए एक ओपन सोर्स कंटेनर ऑर्केस्ट्रेशन इंजन है| यह ओपन सोर्स प्रोजेक्ट Cloud Native Computing Foundation द्वारा होस्ट किया गया है।

2.1 - प्रलेखन के उपलब्ध संस्करण

इस वेबसाइट में कुबेरनेट्स के वर्तमान और चार पिछले संस्करण के प्रलेखन शामिल हैं।

3 - शुरू करना

यह भाग कुबेरनेट्स को सेटअप करने और चलाने के विभिन्न तरीकों को सूचीबद्ध करता है। जब आप कुबेरनेट्स सेटअप करते हैं, तो इसके आधार पर एक इंस्टॉलेशन प्रकार चुनें: रखरखाव में आसानी, सुरक्षा, नियंत्रण, उपलब्ध संसाधन और क्लस्टर के संचालन और प्रबंधन के लिए आवश्यक विशेषज्ञता।

कुबेरनेट्स क्लस्टर को स्थानीय मशीन पर, क्लाउड में, या अपने स्वयं के डेटासेंटर में डिप्लॉय करने के लिए आप कुबेरनेट्स डाउनलोड कर सकते हैं।

यदि आप कुबेरनेट्स क्लस्टर को स्वयं संभालना नहीं चाहते हैं, तो आप एक संचालन सेवा चुन सकते हैं, जैसे ये प्रमाणित प्लेटफॉर्म। क्लाउड की विस्तृत श्रृंखला और बेयर मेटल वातावरण के लिए अन्य मानकीकृत और कस्टम समाधान भी उपलब्ध हैं।

सीखने का वातावरण

यदि आप कुबेरनेट्स सीख रहे हैं, तो कुबेरनेट्स समुदाय द्वारा समर्थित टूल का उपयोग करें, या स्थानीय मशीन पर कुबेरनेट्स क्लस्टर सेटअप करने के लिए इकोसिस्टम में उपलब्ध टूल का उपयोग करें। इंस्टॉल टूल्स देखें।

प्रोडक्शन वातावरण

प्रोडक्शन वातावरण के लिए समाधान का मूल्यांकन करते समय, विचार करें कि कुबेरनेट्स क्लस्टर के किन पहलुओं (या abstractions) का संचालन आप स्वयं प्रबंधित करना चाहते हैं और किसे आप एक प्रदाता को सौंपना पसंद करते हैं।

स्वयं प्रबंधित कर रहे कुबेरनेट्स क्लस्टर डिप्लॉय करने के लिए kubeadm आधिकारिक टूल है।

आगे क्या है

कुबेरनेट्स के कण्ट्रोल प्लेन को Linux पर चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अपने क्लस्टर के अंदर आप Linux या अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम पर एप्लिकेशन चला सकते हैं, जिसमें windows भी शामिल हैं।

3.1 - सीखने का माहौल

3.2 - उत्पादन वातावरण

एक उत्पादन-गुणवत्ता वाला कुबेरनेट्स क्लस्टर बनाएं

उत्पादन-गुणवत्ता वाले कुबेरनेट्स क्लस्टर के लिए योजना और तैयारी की आवश्यकता होती है। यदि आपका कुबेरनेट्स क्लस्टर महत्वपूर्ण कार्यभार चलाने के लिए है, तो इसे लचीला होने के लिए कॉन्फ़िगर किया जाना चाहिए। यह पेज उन चरणों के बारे में बताता है जो आप उत्पादन के लिए तैयार क्लस्टर सेटअप करने के लिए, या उत्पादन के उपयोग के लिए मौजूदा क्लस्टर को अपग्रेड करने के लिए उठा सकते हैं। यदि आप पहले से ही उत्पादन सेटअप से परिचित हैं और लिंक चाहते हैं, तो आगे जाएं

उत्पादन विचार

आमतौर पर, उत्पादन कुबेरनेट्स क्लस्टर वातावरण में व्यक्तिगत सीखने, विकास या परीक्षण वातावरण कुबेरनेट्स की तुलना में अधिक आवश्यकताएं होती हैं। एक उत्पादन वातावरण की आवश्यकता ये हो सकती है, जैसे: कई उपयोगकर्ताओं द्वारा सुरक्षित पहुंच, लगातार उपलब्धता, और बदलती मांगों के लिए संसाधनों को अनुकूलित करना।

जैसा कि आप तय करते हैं कि आप अपने उत्पादन कुबेरनेट्स वातावरण को कहाँ रखना चाहते हैं (परिसर या क्लाउड में) और प्रबंधन की मात्रा जिसे आप दूसरों को देना या सौंपना चाहते हैं, विचार करें कि कुबेरनेट्स क्लस्टर के लिए आपकी आवश्यकताएं निम्नलिखित मुद्दों से कैसे प्रभावित होती हैं:

  • उपलब्धता: सिंगल-मशीन कुबेरनेट्स सीखने का माहौल में विफलता का एक बिंदु है। अत्यधिक उपलब्ध क्लस्टर बनाने का अर्थ है:

    • कण्ट्रोल प्लेन को वर्कर नोड्स से अलग करना।
    • कई नोड्स पर कण्ट्रोल प्लेन घटकों की प्रतिकृति।
    • क्लस्टर के लिए संतुलन यातायात लोड करेंAPI server.
    • पर्याप्त वर्कर नोड्स उपलब्ध होना, या जल्दी से उपलब्ध होने में सक्षम होना, क्योंकि बदलते वर्कलोड इसे वारंट करते हैं।
  • स्केल: यदि आप उम्मीद करते हैं कि आपके उत्पादन कुबेरनेट्स पर्यावरण को मांग की एक स्थिर मात्रा प्राप्त होगी, तो आप उस क्षमता के लिए सेटअप करने में सक्षम हो सकते हैं जिसकी आपको आवश्यकता है और किया जा सकता है। हालाँकि, यदि आप समय के साथ मांग बढ़ने की उम्मीद करते हैं या मौसम या विशेष घटनाओं जैसी चीजों के आधार पर अचानक से बदलते हैं, तो आपको योजना बनाने की आवश्यकता है कि कण्ट्रोल प्लेन और वर्कर नोड्स के लिए अधिक अनुरोधों से बढ़े दबाव को कैसे दूर किया जाए या अप्रयुक्त संसाधनों को कम करने के लिए स्केल किया जाए।

  • सुरक्षा और एक्सेस मैनेजमेंट: आपके अपने कुबेरनेट्स लर्निंग क्लस्टर पर पूर्ण व्यवस्थापकीय विशेषाधिकार हैं। लेकिन महत्वपूर्ण कार्यभार के साथ साझा क्लस्टर, और एक या दो से अधिक उपयोगकर्ता, को क्लस्टर संसाधनों तक कौन और क्या एक्सेस कर सकता है, इसके लिए अधिक परिष्कृत दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। आप यह सुनिश्चित करने के लिए (भूमिका-आधारित एक्सेस कण्ट्रोल) और अन्य सुरक्षा तंत्रों का उपयोग कर सकते हैं कि उपयोगकर्ता और कार्यभार उन संसाधनों तक पहुँच प्राप्त कर सकते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता है, साथ ही में कार्यभार और क्लस्टर को साथ में सुरक्षित रख सके। आप नीतियों और कंटेनर संसाधन को प्रबंधित करके उन संसाधनों की सीमा निर्धारित कर सकते हैं जिन तक उपयोगकर्ता और कार्यभार पहुंच सकते हैं।

कुबेरनेट्स उत्पादन वातावरण को स्वयं बनाने से पहले, इस कार्य में से कुछ या सभी को सौंपने पर विचार करें टर्नकी क्लाउड सॉल्यूशंस प्रदाता या अन्य कुबेरनेट्स पार्टनर्स विकल्पों में शामिल हैं:

  • सर्वरलेस: किसी क्लस्टर को प्रबंधित किए बिना केवल तृतीय-पक्ष उपकरण पर कार्यभार चलाएं। आपसे सीपीयू उपयोग, मेमोरी और डिस्क अनुरोध जैसी चीज़ों के लिए शुल्क लिया जाएगा।
  • व्यवस्थित कण्ट्रोल प्लेन: प्रदाता को क्लस्टर के कण्ट्रोल प्लेन के पैमाने और उपलब्धता का प्रबंधन करने दें, साथ ही पैच और अपग्रेड को भी संभालें।
  • व्यवस्थित वर्कर नोड्स: अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नोड्स के पूल को कॉन्फ़िगर करें, फिर प्रदाता सुनिश्चित करता है कि वे नोड उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर अपग्रेड को लागू करने के लिए तैयार हैं।
  • एकीकरण: ऐसे प्रदाता हैं जो कुबेरनेट्स को अन्य सेवाओं के साथ एकीकृत करते हैं जिनकी आपको आवश्यकता हो सकती है, जैसे भंडारण, कंटेनर रजिस्ट्रियां, प्रमाणीकरण तरीके, और विकास उपकरण।

चाहे आप कुबेरनेट्स क्लस्टर का निर्माण स्वयं करें या भागीदारों के साथ काम करें, अपनी आवश्यकताओं का मूल्यांकन करने के लिए निम्नलिखित अनुभागों की समीक्षा करें क्योंकि वे आपके क्लस्टर से संबंधित हैं कण्ट्रोल प्लेन, वर्कर नोड्स, यूज़र एक्सेस, और वर्कलोड रिसोर्सस.

उत्पादन क्लस्टर सेटअप

उत्पादन-गुणवत्ता वाले कुबेरनेट्स क्लस्टर में, कण्ट्रोल प्लेन क्लस्टर को उन सेवाओं से प्रबंधित करता है जिन्हें विभिन्न तरीकों से कई कंप्यूटरों में फैलाया जा सकता है। हालाँकि, प्रत्येक वर्कर नोड एक एकल इकाई का प्रतिनिधित्व करता है जिसे कुबेरनेट्स पॉड चलाने के लिए कॉन्फ़िगर किया गया है।

उत्पादन कण्ट्रोल प्लेन

सबसे सरल कुबेरनेट्स क्लस्टर में एक ही मशीन पर चलने वाले संपूर्ण कण्ट्रोल प्लेन और वर्कर नोड सेवाएं होती हैं। आप वर्कर नोड्स को जोड़कर उस वातावरण को विकसित कर सकते हैं, जैसा कि कुबेरनेट्स कंपोनेंट्स के डायग्राम में दर्शाया गया है। यदि क्लस्टर थोड़े समय के लिए उपलब्ध होने के लिए है, या अगर कुछ गंभीर रूप से गलत हो जाता है, तो इसे छोड़ दिया जा सकता है, यह आपकी आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है।

यदि आपको अधिक स्थायी, अत्यधिक उपलब्ध क्लस्टर की आवश्यकता है, तो आपको कण्ट्रोल प्लेन को विस्तारित करने के तरीकों पर विचार करना चाहिए। डिजाइन के अनुसार, एक मशीन पर चलने वाली एक-मशीन कण्ट्रोल प्लेन सेवाएं अत्यधिक उपलब्ध नहीं हैं। यदि क्लस्टर को चालू रखना और यह सुनिश्चित करना कि कुछ गलत होने पर इसकी मरम्मत की जा सकती है, महत्वपूर्ण है, तो इन चरणों पर विचार करें:

  • डिप्लॉयमेंट टूल्स चुनें: आप kubeadm, kops, और kubespray जैसे टूल का उपयोग करके एक कण्ट्रोल प्लेन को तैनात कर सकते हैं। उनमें से प्रत्येक डिप्लॉयमेंट विधियों का उपयोग करके उत्पादन-गुणवत्ता डिप्लॉयमेंट के लिए युक्तियों को जानने के लिए डिप्लॉयमेंट टूल्स के साथ कुबेरनेट्स स्थापित करना देखें। आपके डिप्लॉयमेंट के साथ उपयोग करने के लिए विभिन्न कंटेनर रनटाइम उपलब्ध हैं।
  • सर्टिफ़िकेट प्रबंधित करे: कण्ट्रोल प्लेन सेवाओं के बीच सुरक्षित संचार सर्टिफ़िकेटस का उपयोग करके कार्यान्वित किया जाता है। डिप्लॉयमेंट के दौरान सर्टिफ़िकेट स्वचालित रूप से उत्पन्न होते हैं या आप अपने स्वयं के सर्टिफ़िकेट अथॉरिटी का उपयोग करके उन्हें उत्पन्न कर सकते हैं। विवरण के लिए PKI सर्टिफ़िकेटस और आवश्यकताएं देखें।
  • एपिसर्वर के लिए लोड बैलेंसर कॉन्फ़िगर करें: विभिन्न नोड्स पर चल रहे एपिसर्वर सर्विस इंस्टेंस के लिए बाहरी एपीआई अनुरोधों को वितरित करने के लिए लोड बैलेंसर को कॉन्फ़िगर करें। विवरण के लिए एक बाहरी लोड बैलेंसर बनाना देखें।
  • अलग और बैकअप etcd सेवा: अतिरिक्त सुरक्षा और उपलब्धता के लिए etcd सेवाएं या तो अन्य कंट्रोल प्लेन सेवाओं के समान मशीनों पर चल सकती हैं या अलग मशीनों पर चल सकती हैं। क्योंकि etcd क्लस्टर कॉन्फ़िगरेशन डेटा संग्रहीत करता है, etcd डेटाबेस का बैकअप नियमित रूप से किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यदि आवश्यक हो तो आप उस डेटाबेस की मरम्मत कर सकते हैं। etcd को कॉन्फ़िगर करने और उपयोग करने के विवरण के लिए etcd अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न देखें। विवरण के लिए कुबेरनेट्स के लिए ऑपरेटिंग etcd क्लस्टर और kubeadm के साथ एक उच्च उपलब्धता etcd क्लस्टर स्थापित करें देखें।
  • मल्टीपल कण्ट्रोल प्लेन सिस्टम बनाएं: उच्च उपलब्धता के लिए, कण्ट्रोल प्लेन एक मशीन तक सीमित नहीं होना चाहिए। यदि कण्ट्रोल प्लेन सेवाएं एक init सेवा (जैसे systemd) द्वारा चलाई जाती हैं, तो प्रत्येक सेवा को कम से कम तीन मशीनों पर चलना चाहिए। हालाँकि, कुबेरनेट्स में पॉड्स के रूप में कण्ट्रोल प्लेन सेवाएं चलाना सुनिश्चित करता है कि आपके द्वारा अनुरोधित सेवाओं की प्रतिकृति संख्या हमेशा उपलब्ध रहेगी। अनुसूचक फॉल्ट सहने वाला होना चाहिए, लेकिन अत्यधिक उपलब्ध नहीं होना चाहिए। कुबेरनेट्स सेवाओं के नेता चुनाव करने के लिए कुछ डिप्लॉयमेंट उपकरण राफ्ट सर्वसम्मति एल्गोरिथ्म की स्थापना करते हैं। यदि प्राथमिक चला जाता है, तो दूसरी सेवा स्वयं को चुनती है और कार्यभार संभालती है।
  • कई क्षेत्रों में विस्तार करना: यदि अपने क्लस्टर को हर समय उपलब्ध रखना महत्वपूर्ण है, तो एक ऐसा क्लस्टर बनाने पर विचार करें, जो कई डेटा केंद्रों पर चलता हो, जिसे क्लाउड वातावरण में ज़ोन के रूप में संदर्भित किया जाता है। ज़ोन(zone) के समूहों को रीजन(region) कहा जाता है। एक ही क्षेत्र में कई क्षेत्रों में एक क्लस्टर फैलाकर, यह इस संभावना में सुधार कर सकता है कि एक क्षेत्र अनुपलब्ध होने पर भी आपका क्लस्टर कार्य करना जारी रखेगा। विवरण के लिए Running in multiple zones देखें।
  • चल रही सुविधाओं का प्रबंधन: यदि आप अपने क्लस्टर को समय के साथ रखने की योजना बनाते हैं, तो इसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए आपको कुछ कार्य करने होंगे। उदाहरण के लिए, यदि आपने kubeadm के साथ स्थापित किया है, तो आपको सर्टिफिकेट प्रबंधन और kubeadm क्लस्टर्स को अपग्रेड करने में मदद करने के लिए निर्देश दिए गए हैं, कुबेरनेट्स प्रशासनिक कार्यों की लंबी सूची के लिए क्लस्टर का एडमिनिस्टर देखें।

जब आप कण्ट्रोल प्लेन सेवाएं चलाते हैं, तो उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानने के लिए, kube-apiserver, क्यूब-कंट्रोलर-मैनेजर, देखें। और क्यूब-शेड्यूलर कॉम्पोनेन्ट पेज। अत्यधिक उपलब्ध कंट्रोल प्लेन उदाहरणों के लिए अत्यधिक उपलब्ध टोपोलॉजी के लिए विकल्प, kubeadm के साथ अत्यधिक उपलब्ध क्लस्टर बनाना, और कुबेरनेट्स के लिए ऑपरेटिंग etcd क्लस्टर। etcd बैकअप योजना बनाने के बारे में जानकारी के लिए etcd क्लस्टर का बैकअप लेना देखें।

उत्पादन वर्कर नोड्स

उत्पादन-गुणवत्ता वाले कार्यभार को लचीला होने की आवश्यकता है और वे जिस चीज पर भरोसा करते हैं वह लचीला होना चाहिए (जैसे कि CoreDNS)। चाहे आप अपने स्वयं के कंट्रोल प्लेन का प्रबंधन करें या क्लाउड प्रदाता आपके लिए इसे करें, आपको अभी भी यह विचार करने की आवश्यकता है कि आप अपने वर्कर नोड्स को कैसे प्रबंधित करना चाहते हैं (इसे बस नोड्स के रूप में भी संदर्भित किया गया है)।

  • नोड्स कॉन्फ़िगर करें: नोड्स भौतिक या आभासी मशीन हो सकते हैं। यदि आप अपने स्वयं के नोड्स बनाना और प्रबंधित करना चाहते हैं, तो आप एक समर्थित ऑपरेटिंग सिस्टम स्थापित कर सकते हैं, फिर उपयुक्त जोड़ और चला सकते हैं नोड सेवाएं। विचार करना:
    • जब आप उपयुक्त मेमोरी, सीपीयू, और डिस्क स्पीड और स्टोरेज क्षमता उपलब्ध कराकर नोड्स सेट करते हैं तो आपके वर्कलोड की मांग।
    • क्या जेनेरिक कंप्यूटर सिस्टम करेंगे या आपके पास ऐसे वर्कलोड हैं जिन्हें GPU प्रोसेसर, Windows नोड्स या VM आइसोलेशन की आवश्यकता है।
  • वैलिदेट(Validate) नोड: यह सुनिश्चित करने के तरीके के बारे में जानकारी के लिए वैलिद(Valid) नोड सेटअप देखें कि एक नोड कुबेरनेट्स क्लस्टर में शामिल होने के लिए आवश्यकताओं को पूरा करता है।
  • क्लस्टर में नोड जोड़ें: यदि आप अपने स्वयं के क्लस्टर का प्रबंधन कर रहे हैं, तो आप अपनी स्वयं की मशीनें स्थापित करके और या तो उन्हें मैन्युअल रूप से जोड़कर या क्लस्टर के एपिसर्वर में खुद को पंजीकृत करवाकर नोड्स जोड़ सकते हैं। इन तरीकों से नोड्स जोड़ने के लिए कुबेरनेट्स को कैसे सेट करें, इस बारे में जानकारी के लिए नोड्स अनुभाग देखें।
  • क्लस्टर में Windows नोड्स जोड़ें: कुबेरनेट्स Windows वर्कर नोड्स के लिए समर्थन प्रदान करता है, जिससे आप Windows कंटेनरों में लागू वर्कलोड को चला सकते हैं। विवरण के लिए कुबेरनेट्स में Windows देखें।
  • स्केल नोड्स: आपके क्लस्टर को अंततः जिस क्षमता की आवश्यकता होगी, उसके विस्तार के लिए एक योजना बनाएं। आपको चलाने के लिए आवश्यक पॉड्स और कंटेनरों की संख्या के आधार पर, यह निर्धारित करने में सहायता के लिए बड़े समूहों के लिए विचार देखें कि आपको कितने नोड्स की आवश्यकता है। यदि आप स्वयं नोड्स का प्रबंधन कर रहे हैं, तो इसका अर्थ यह हो सकता है कि आप अपने स्वयं के भौतिक उपकरण खरीदना और स्थापित करना चाहते हैं।
  • ऑटोस्केल नोड्स: अधिकांश क्लाउड प्रदाता अस्वस्थ नोड्स को बदलने के लिए क्लस्टर ऑटोस्केलर का समर्थन करते हैं या मांग के अनुसार नोड्स की संख्या को बढ़ाते और घटाते हैं। विभिन्न क्लाउड प्रदाताओं द्वारा इसे कैसे कार्यान्वित किया जाता है, इसके लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ऑटोस्केलर कैसे काम करता है और डिप्लॉयमेंट देखें। ऑन-प्रिमाइसेस के लिए, कुछ वर्चुअलाइजेशन प्लेटफॉर्म हैं जिन्हें मांग के आधार पर नए नोड्स को स्पिन करने के लिए स्क्रिप्ट किया जा सकता है।
  • नोड स्वास्थ्य जांच सेट करें: महत्वपूर्ण कार्यभार के लिए, आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उन नोड्स पर चलने वाले नोड और पॉड स्वस्थ हैं। नोड समस्या डिटेक्टर डेमॉन का उपयोग करके, आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके नोड स्वस्थ हैं।

उत्पादन उपयोगकर्ता प्रबंधन

उत्पादन में, आप उस मॉडल से आगे बढ़ रहे हैं जहां आप या लोगों का एक छोटा समूह क्लस्टर तक पहुंच रहा है जहां संभावित रूप से दर्जनों या सैकड़ों लोग हो सकते हैं। सीखने के माहौल या प्लेटफ़ॉर्म प्रोटोटाइप में, आप जो कुछ भी करते हैं उसके लिए आपके पास एक ही प्रशासनिक खाता हो सकता है। उत्पादन में, आप विभिन्न नेमस्पेस्सों तक पहुंच के विभिन्न स्तरों वाले अधिक खाते चाहते हैं।

उत्पादन-गुणवत्ता वाले क्लस्टर को लेने का अर्थ है यह तय करना कि आप कैसे हैं अन्य उपयोगकर्ताओं द्वारा चुनिंदा रूप से पहुंच की अनुमति देना चाहते हैं। विशेष रूप से, आपको उन लोगों की पहचान को सत्यापित करने के लिए रणनीतियों का चयन करने की आवश्यकता है जो आपके क्लस्टर (प्रमाणीकरण) तक पहुंचने का प्रयास करते हैं और यह तय करते हैं कि क्या उनके पास वह करने की अनुमति है जो वे पूछ रहे हैं (प्राधिकरण):

  • प्रमाणीकरण: apiserver क्लाइंट का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं को प्रमाणित कर सकता है प्रमाण पत्र, वाहक टोकन, एक प्रमाणीकरण प्रॉक्सी, या HTTP मूल प्रमाणीकरण। आप चुन सकते हैं कि आप किन प्रमाणीकरण विधियों का उपयोग करना चाहते हैं। प्लगइन्स का उपयोग करके, apiserver आपके संगठन की मौजूदा प्रमाणीकरण विधियों, जैसे LDAP या Kerberos का लाभ उठा सकता है। कुबेरनेट्स उपयोगकर्ताओं को प्रमाणित करने के इन विभिन्न तरीकों के विवरण के लिए प्रमाणीकरण देखो।
  • प्राधिकरण: जब आप अपने नियमित उपयोगकर्ताओं को अधिकृत करने के लिए निकलते हैं, तो आप शायद आरबीएसी और एबीएसी प्राधिकरण के बीच चयन करेंगे। उपयोगकर्ता खातों को अधिकृत करने के लिए विभिन्न तरीकों की समीक्षा करने के लिए प्राधिकरण अवलोकन देखें (साथ ही आपके क्लस्टर में सेवा खाते तक पहुंच):
    • भूमिका-आधारित अभिगम नियंत्रण (RBAC): प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को अनुमतियों के विशिष्ट सेट की अनुमति देकर आप अपने क्लस्टर तक पहुँच प्रदान कर सकते हैं। अनुमतियाँ एक विशिष्ट नेमस्पेस्स (भूमिका) या संपूर्ण क्लस्टर (ClusterRole) के लिए असाइन की जा सकती हैं। फिर रोलबाइंडिंग और क्लस्टररोलबाइंडिंग का उपयोग करके, उन अनुमतियों को विशेष उपयोगकर्ताओं से जोड़ा जा सकता है।
    • विशेषता-आधारित अभिगम नियंत्रण (ABAC): आपको क्लस्टर में संसाधन विशेषताओं के आधार पर नीतियां बनाने देता है और उन विशेषताओं के आधार पर पहुंच की अनुमति देगा या अस्वीकार करेगा। नीति फ़ाइल की प्रत्येक पंक्ति विषय (उपयोगकर्ता या समूह), संसाधन संपत्ति, गैर-संसाधन संपत्ति (/ संस्करण या / एपिस), और केवल पढ़ने के लिए संस्करण गुणों (एपीआई संस्करण और प्रकार) और विशिष्ट गुणों के मानचित्र की पहचान करती है। विवरण के लिए देखें उदाहरण

जब कोई आपके उत्पादन कुबेरनेट्स क्लस्टर पर प्रमाणीकरण और प्राधिकरण सेटअप कर रहा हो, तो यहां कुछ बातों पर विचार करना चाहिए:

  • प्राधिकरण मोड सेट करें: जब कुबेरनेट्स एपीआई सर्वर (kube-apiserver) शुरू होता है, समर्थित प्रमाणीकरण मोड को --authorization-mode फ़्लैग का उपयोग करके सेट किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, kube-adminserver.yaml फ़ाइल में वह फ़्लैग (/etc/kubernetes/manifests में) नोड, आरबीएसी पर सेट किया जा सकता है। यह प्रमाणित अनुरोधों के लिए नोड और आरबीएसी प्राधिकरण की अनुमति देगा।
  • उपयोगकर्ता प्रमाणपत्र और रोल बाइंडिंग (RBAC) बनाएं: यदि आप आरबीएसी प्राधिकरण का उपयोग कर रहे हैं, तो उपयोगकर्ता एक सर्टिफिकेट साइनिंग रिक्वेस्ट (सीएसआर) बना सकते हैं जिस पर क्लस्टर सीए द्वारा हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। फिर आप प्रत्येक उपयोगकर्ता के लिए रोल्स और क्लस्टररोल्स को बाध्य कर सकते हैं। विवरण के लिए प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करने के अनुरोध देखें।
  • ऐसी नीतियां बनाएं जो विशेषताओं को जोड़ती हैं (ABAC): यदि आप एबीएसी प्राधिकरण का उपयोग कर रहे हैं, तो आप चुनिंदा उपयोगकर्ताओं या समूहों को विशेष संसाधनों (जैसे पॉड), नेमस्पेस, या एपीग्रुप तक पहुंचने के लिए अधिकृत करने के लिए नीतियां बनाने के लिए विशेषताओं के संयोजन असाइन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए देखें उदाहरण
  • प्रवेश नियंत्रकों पर विचार करें: एपीआई सर्वर के माध्यम से आने वाले अनुरोधों के लिए प्राधिकरण के अतिरिक्त रूपों में शामिल हैं वेबहुक टोकन प्रमाणीकरण। वेबहुक और अन्य विशेष प्राधिकरण प्रकारों को एपीआई सर्वर में प्रवेश नियंत्रक जोड़कर सक्षम करने की आवश्यकता है।

कार्यभार संसाधनों पर सीमा निर्धारित करें

उत्पादन कार्यभार की मांग कुबेरनेट्स नियंत्रण विमान के अंदर और बाहर दोनों जगह दबाव पैदा कर सकती है। अपने क्लस्टर के वर्कलोड की जरूरतों के लिए सेट अप करते समय इन मदों पर विचार करें:

  • नेमस्पेस्स की सीमा निर्धारित करें: मेमोरी और सीपीयू जैसी चीजों पर प्रति नेमस्पेस कोटा सेट करें। विवरण के लिए मेमोरी, सीपीयू और एपीआई संसाधन प्रबंधित करें देखें। आप इनहेरिट करने की सीमा के लिए हिरार्चीकैल नेमस्पेस्स भी सेट कर सकते हैं।
  • DNS मांग के लिए तैयार करें: यदि आप वर्कलोड के बड़े पैमाने पर बढ़ने की उम्मीद करते हैं, तो आपकी DNS सेवा भी बड़े पैमाने पर तैयार होनी चाहिए। क्लस्टर में DNS सेवा को ऑटोस्केल करना देखें।
  • अतिरिक्त सेवा खाते बनाएं: उपयोगकर्ता खाते यह निर्धारित करते हैं कि उपयोगकर्ता क्लस्टर पर क्या कर सकते हैं, जबकि एक सेवा खाता किसी विशेष नेमस्पेस्स के भीतर पॉड एक्सेस को परिभाषित करता है। डिफ़ॉल्ट रूप से, एक पॉड अपने नेमस्पेस्स से डिफ़ॉल्ट सेवा खाता लेता है। नया सेवा खाता बनाने के बारे में जानकारी के लिए सेवा खातों का प्रबंधन देखें। उदाहरण के लिए, आप शायद यह करना चाहें:

आगे क्या है

3.2.1 - कंटेनर रनटाइम

आपको क्लस्टर में प्रत्येक नोड में एक कंटेनर रनटाइम इंस्टॉल करना होगा ताकि पॉड वहां चल सकें। यह पृष्ठ बताता है कि क्या शामिल है और नोड्स की स्थापना के लिए संबंधित कार्यों का वर्णन करता है।

कुबेरनेट्स 1.25 के लिए आवश्यक है कि आप एक रनटाइम का उपयोग करें जो कंटेनर रनटाइम इंटरफ़ेस (CRI) के अनुरूप है।

अधिक जानकारी के लिए CRI version support देखें।

यह पृष्ठ Linux पर कुबेरनेट्स के साथ कई सामान्य कंटेनर रनटाइम का उपयोग करने के विवरण सूचीबद्ध करता है:

Cgroup ड्राइवर

प्रक्रियाओं के लिए आवंटित संसाधनों को सीमित करने के लिए कण्ट्रोल ग्रुप का उपयोग किया जाता है।

जब Linux वातावरण के लिए init सिस्टम, [systemd (https://www.freedesktop.org/wiki/Software/systemd/) को चुना जाता है, तब init प्रक्रिया रुट(root) control group (cgroup) उत्पन्न करती है और उपभोग करती है तथा cgroup मैनेजर की तरह काम करता है। Systemd और cgroups एकीकृत हैं और प्रत्येक systemd यूनिट को एक cgroup आवंटित होता है। अपने कन्टैनर रनटाइम और kubelet को cgroupfs प्रयोग करने के लिए कॉन्फ़िगर करना संभव है। systemd के साथ cgroupfs प्रयोग करने के कारण दो अलग cgroup मैनेजर होंगे।

एक एकल cgroup प्रबंधक इस दृष्टिकोण को सरल बनाता है कि कौन से संसाधन आवंटित किए जा रहे हैं और डिफ़ॉल्ट रूप से उपलब्ध और उपयोग में आने वाले संसाधनों के बारे में अधिक सुसंगत दृश्य होगा। जब एक सिस्टम पर दो cgroup मैनेजर होते हैं, तो आपको उन रिसोर्सेज के दो व्यू मिलते हैं। क्षेत्र में, लोगों ने ऐसे मामलों की सूचना दी है जहां नोड्स जो kubelet और डॉकर के लिए cgroupfs का उपयोग करने के लिए कॉन्फ़िगर किए गए हैं, लेकिन बाकी प्रक्रियाओं के लिए systemd संसाधन दबाव के कारण अस्थिर हो जाते हैं।

सेटिंग्स को इस तरह बदलना कि आपका कंटेनर रनटाइम और kubelet systemd का उपयोग करें क्योंकि cgroup ड्राइवर सिस्टम को स्थिर करता है। डॉकर के लिए इसे कॉन्फ़िगर करने के लिए, native.cgroupdriver=systemd सेट करें।

Cgroup v2

Cgroup v2, cgroup Linux API का अगला संस्करण है। Cgroup v1 से अलग, प्रत्येक कंट्रोलर के लिए एक अलग अनुक्रम के बजाय एक पदानुक्रम है।

नया संस्करण cgroup v1 पर कई सुधार प्रदान करता है, इनमें से कुछ सुधार हैं:

  • API का उपयोग करने का स्पष्ट और आसान तरीका
  • कंटेनरों के लिए सुरक्षित उप-वृक्ष प्रतिनिधिमंडल
  • प्रेशर स्टॉल की जानकारी जैसी नई सुविधाएँ

भले ही कर्नेल हाइब्रिड कॉन्फ़िगरेशन का समर्थन करता हो, जहां कुछ नियंत्रक cgroup v1 द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं और कुछ अन्य cgroup v2 द्वारा, Kubernetes सभी नियंत्रकों को प्रबंधित करने के लिए केवल उसी cgroup संस्करण का समर्थन करता है।

यदि सिस्टमड (Systemd) डिफ़ॉल्ट रूप से cgroup v2 का उपयोग नहीं करता है, तो आप कर्नेल कमांड लाइन में systemd.unified_cgroup_hierarchy=1 जोड़कर सिस्टम को इसका उपयोग करने के लिए कॉन्फ़िगर कर सकते हैं।

# यह उदाहरण एक Linux OS के लिए है जो DNF पैकेज मैनेजर का उपयोग करता है
# आपका सिस्टम कमांड लाइन सेट करने के लिए एक अलग विधि का उपयोग कर सकता है
# लिनक्स कर्नेल का उपयोग करता है।
sudo dnf install -y grubby && \
  sudo grubby \
  --update-kernel=ALL \
  --args="systemd.unified_cgroup_hierarchy=1"

यदि आप कर्नेल के लिए कमांड लाइन बदलते हैं, तो आपको अपने से पहले नोड को रिबूट करना होगा परिवर्तन प्रभावी होता है।

Cgroup v2 में स्विच करते समय उपयोगकर्ता अनुभव में कोई उल्लेखनीय अंतर नहीं होना चाहिए, जब तक कि उपयोगकर्ता सीग्रुप फाइल सिस्टम को सीधे नोड पर या कंटेनरों के भीतर से एक्सेस कर रहे हैं।

इसका उपयोग करने के लिए, Cgroup v2 को CRI रनटाइम द्वारा भी सपोर्टेड (supported) होना चाहिए।

Kubeadm प्रबंधित क्लस्टर में systemd ड्राइवर में माइग्रेट करना

यदि आप मौजूदा kubeadm प्रबंधित क्लस्टर में systemd cgroup ड्राइवर में माइग्रेट करना चाहते हैं, तो माइग्रेशन गाइड का पालन करें।

CRI संस्करण समर्थन

आपके कंटेनर रनटाइम को कंटेनर रनटाइम इंटरफ़ेस के कम से कम v1alpha2 का समर्थन करना चाहिए।

कुबेरनेट्स 1.25 डिफ़ॉल्ट रूप से CRI API के v1 का उपयोग करता है। यदि कंटेनर रनटाइम v1 API का समर्थन नहीं करता है, तो क्यूबलेट वापस आ जाता है इसके बजाय (बहिष्कृत) v1alpha2 API का उपयोग करना।

कंटेनर रनटाइम

कंटेनरडी

यह खंड कंटेनरडी को CRI रनटाइम के रूप में उपयोग करने के लिए आवश्यक कदम है।

अपने सिस्टम पर containerd इंस्टॉल करने के लिए निम्नलिखित कमांड का उपयोग करें:

पूर्वापेक्षाएँ इंस्टॉल और कॉन्फ़िगर करें:

cat <<EOF | sudo tee /etc/modules-load.d/containerd.conf
overlay
br_netfilter
EOF
sudo modprobe overlay
sudo modprobe br_netfilter
# सेटअप आवश्यक sysctl params, ये रिबूट के दौरान बने रहते हैं।
cat <<EOF | sudo tee /etc/sysctl.d/99-kubernetes-cri.conf
net.bridge.bridge-nf-call-iptables  = 1
net.ipv4.ip_forward                 = 1
net.bridge.bridge-nf-call-ip6tables = 1
EOF
# रिबूट के बिना sysctl params लागू करें
sudo sysctl --system

कंटेनरडी इंस्टॉल करें:

  1. आधिकारिक डॉकर रिपॉजिटरी से containerd.io पैकेज इंस्टॉल करें।
    अपने संबंधित लिनक्स वितरण के लिए डॉकर रिपॉजिटरी इंस्टॉल करने और containerd.io पैकेज इंस्टॉल करने के निर्देश यहां देखे जा सकते हैं डॉकर इंजन इंस्टॉल करें.

  2. कंटेनरडी कॉन्फ़िगर करें:

    sudo mkdir -p /etc/containerd
    containerd config default | sudo tee /etc/containerd/config.toml
    
  3. कंटेनरडी को पुनरारंभ करें:

    sudo systemctl restart containerd
    

Powershell सत्र प्रारंभ करें, $Version को वांछित संस्करण पर सेट करें (उदाहरण: $Version=1.4.3), और फिर निम्न आदेश चलाएँ:

  1. कंटेनरडी डाउनलोड करें:

    curl.exe -L https://github.com/containerd/containerd/releases/download/v$Version/containerd-$Version-windows-amd64.tar.gz -o containerd-windows-amd64.tar.gz
    tar.exe xvf .\containerd-windows-amd64.tar.gz                  
    
  2. एक्सट्रेक्ट एंड कॉन्फ़िगर:

    Copy-Item -Path ".\bin\" -Destination "$Env:ProgramFiles\containerd"    -Recurse -Force
    cd $Env:ProgramFiles\containerd\
    .\containerd.exe config default | Out-File config.toml -Encoding         ascii
    # कॉन्फ़िगरेशन की समीक्षा करें। सेटअप के आधार पर आप समायोजित करना चाह सकते हैं:
    # - सैंडबॉक्स_इमेज (कुबेरनेट्स पॉज़ इमेज)
    # - cni bin_dir और conf_dir स्थान
    Get-Content config.toml
    # (वैकल्पिक - लेकिन अत्यधिक अनुशंसित) विंडोज डिफेंडर स्कैन से कंटेनर को बाहर करें
    Add-MpPreference -ExclusionProcess "$Env:ProgramFiles\containerd\containerd.exe"
    
  3. कंटेनरडी शुरू करें:

    .\containerd.exe --register-service
    Start-Service containerd
    

systemd` cgroup ड्राइवर का उपयोग करें

systemd cgroup ड्राइवर {#containerd-systemd} का उपयोग करना runc के साथ /etc/containerd/config.toml में systemd cgroup ड्राइवर का उपयोग करने के लिए, सेट करें

[plugins."io.containerd.grpc.v1.cri".containerd.runtimes.runc]
  ...
  [plugins."io.containerd.grpc.v1.cri".containerd.runtimes.runc.options]
    SystemdCgroup = true

यदि आप इस परिवर्तन को लागू करते हैं,तो सुनिश्चित करें कि आप फिर से कंटेनरडी को पुनरारंभ करें:

sudo systemctl restart containerd

जब आप kubeadm का उपयोग करें, मैन्युअल रूप से कॉन्फ़िगर करें क्यूबलेट के लिए cgroup ड्राइवर मैन्युअल रूप से कॉन्फ़िगर करें।

CRI-O

इस खंड में CRI-O को कंटेनर रनटाइम के रूप में इंस्टॉल करने के लिए आवश्यक जानकारी है।

अपने सिस्टम पर CRI-O इंस्टॉल करने के लिए निम्नलिखित कमांड का उपयोग करें:

पूर्वापेक्षाएँ इंस्टॉल और कॉन्फ़िगर करें:

# बूटअप पर मॉड्यूल लोड करने के लिए .conf फाइल बनाएं
cat <<EOF | sudo tee /etc/modules-load.d/crio.conf
overlay
br_netfilter
EOF
sudo modprobe overlay
sudo modprobe br_netfilter
# आवश्यक sysctl params सेट करें, ये रिबूट के दौरान बने रहते हैं।
cat <<EOF | sudo tee /etc/sysctl.d/99-kubernetes-cri.conf
net.bridge.bridge-nf-call-iptables  = 1
net.ipv4.ip_forward                 = 1
net.bridge.bridge-nf-call-ip6tables = 1
EOF
sudo sysctl --system

निम्नलिखित ऑपरेटिंग सिस्टम पर CRI-O स्थापित करने के लिए, एनवायरनमेंट वेरिएबलOS को निम्न तालिका से उपयुक्त मान पर सेट करें:

ऑपरेटिंग सिस्टम$OS
Debian UnstableDebian_Unstable
Debian TestingDebian_Testing

फिर, सेट करें `$VERSION`CRI-O संस्करण में जो आपके Kubernetes संस्करण से मेल खाता है। उदाहरण के लिए, यदि आप CRI-O 1.20 इंस्टॉल करना चाहते हैं, तो `VERSION=1.20` सेट करें। आप अपनी स्थापना को किसी विशिष्ट रिलीज़ पर पिन कर सकते हैं। संस्करण 1.20.0 स्थापित करने के लिए, `VERSION=1.20:1.20.0` सेट करें।

कृपया यह करें

cat <<EOF | sudo tee /etc/apt/sources.list.d/devel:kubic:libcontainers:stable.list
deb https://download.opensuse.org/repositories/devel:/kubic:/libcontainers:/stable/$OS/ /
EOF
cat <<EOF | sudo tee /etc/apt/sources.list.d/devel:kubic:libcontainers:stable:cri-o:$VERSION.list
deb http://download.opensuse.org/repositories/devel:/kubic:/libcontainers:/stable:/cri-o:/$VERSION/$OS/ /
EOF
curl -L https://download.opensuse.org/repositories/devel:kubic:libcontainers:stable:cri-o:$VERSION/$OS/Release.key | sudo apt-key --keyring /etc/apt/trusted.gpg.d/libcontainers.gpg add -
curl -L https://download.opensuse.org/repositories/devel:/kubic:/libcontainers:/stable/$OS/Release.key | sudo apt-key --keyring /etc/apt/trusted.gpg.d/libcontainers.gpg add -
sudo apt-get update
sudo apt-get install cri-o cri-o-runc

निम्नलिखित ऑपरेटिंग सिस्टम पर स्थापित करने के लिए, एनवायरनमेंट वेरिएबल OS सेट करें निम्न तालिका में उपयुक्त फ़ील्ड के लिए:

ऑपरेटिंग सिस्टम$OS
Ubuntu 20.04xUbuntu_20.04
Ubuntu 19.10xUbuntu_19.10
Ubuntu 19.04xUbuntu_19.04
Ubuntu 18.04xUbuntu_18.04

फिर, `$VERSION` को CRI-O संस्करण में सेट करें जो आपके Kubernetes संस्करण से मेल खाता हो। उदाहरण के लिए, यदि आप CRI-O 1.20 इंस्टॉल करना चाहते हैं, तो `VERSION=1.20` सेट करें। आप अपनी स्थापना को किसी विशिष्ट रिलीज़ पर पिन कर सपर पिन कर सकते हैं। संस्करण 1.20.0 स्थापित करने के लिए, `VERSION=1.20:1.20.0` सेट करें।

कृपया यह करें

cat <<EOF | sudo tee /etc/apt/sources.list.d/devel:kubic:libcontainers:stable.list
deb https://download.opensuse.org/repositories/devel:/kubic:/libcontainers:/stable/$OS/ /
EOF
cat <<EOF | sudo tee /etc/apt/sources.list.d/devel:kubic:libcontainers:stable:cri-o:$VERSION.list
deb http://download.opensuse.org/repositories/devel:/kubic:/libcontainers:/stable:/cri-o:/$VERSION/$OS/ /
EOF
curl -L https://download.opensuse.org/repositories/devel:/kubic:/libcontainers:/stable/$OS/Release.key | sudo apt-key --keyring /etc/apt/trusted.gpg.d/libcontainers.gpg add -
curl -L https://download.opensuse.org/repositories/devel:kubic:libcontainers:stable:cri-o:$VERSION/$OS/Release.key | sudo apt-key --keyring /etc/apt/trusted.gpg.d/libcontainers-cri-o.gpg add -
sudo apt-get update
sudo apt-get install cri-o cri-o-runc

निम्नलिखित ऑपरेटिंग सिस्टम पर स्थापित करने के लिए, एनवायरनमेंट वे वेरिएबल OS सेट करें निम्न तालिका में उपयुक्त फ़ील्ड के लिए:

ऑपरेटिंग सिस्टम$OS
Centos 8CentOS_8
Centos 8 StreamCentOS_8_Stream
Centos 7CentOS_7

फिर, `$VERSION` को CRI-O संस्करण में सेट करें जो आपके Kubernetes संस्करण से मेल खाता हो। उदाहरण के लिए, यदि आप CRI-O 1.20 इंस्टॉल करना चाहते हैं, तो `VERSION=1.20` सेट करें। आप अपनी स्थापना को किसी विशिष्ट रिलीज़ पर पिन कर सकते हैं। संस्करण 1.20.0 स्थापित करने के लिए, `VERSION=1.20:1.20.0` सेट करें।

कृपया यह करें

sudo curl -L -o /etc/yum.repos.d/devel:kubic:libcontainers:stable.repo https://download.opensuse.org/repositories/devel:/kubic:/libcontainers:/stable/$OS/devel:kubic:libcontainers:stable.repo
sudo curl -L -o /etc/yum.repos.d/devel:kubic:libcontainers:stable:cri-o:$VERSION.repo https://download.opensuse.org/repositories/devel:kubic:libcontainers:stable:cri-o:$VERSION/$OS/devel:kubic:libcontainers:stable:cri-o:$VERSION.repo
sudo yum install cri-o

sudo zypper install cri-o

$VERSION को CRI-O संस्करण में सेट करें जो आपके Kubernetes संस्करण से मेल खाता हो। उदाहरण के लिए, यदि आप CRI-O 1.20, VERSION=1.20 स्थापित करना चाहते हैं।

आप इसके साथ उपलब्ध संस्करण पा सकते हैं:

sudo dnf module list cri-o

CRI-O फेडोरा पर विशिष्ट रिलीज के लिए पिनिंग का समर्थन नहीं करता है।

तब इसे करें:

sudo dnf module enable cri-o:$VERSION
sudo dnf install cri-o

CRI-O शुरू करें :

sudo systemctl daemon-reload
sudo systemctl enable crio --now

अधिक जानकारी के लिए CRI-O इंस्टॉलेशन गाइड देखें।

cgroup ड्राइवर

CRI-O डिफ़ॉल्ट रूप से systemd cgroup ड्राइवर का उपयोग करता है। cgroupfs cgroup ड्राइवर पर स्विच करने के लिए, या तो /etc/crio/crio.conf संपादित करें या /etc/crio/crio.conf.d/02-cgroup-manager.conf में ड्रॉप-इन कॉन्फ़िगरेशन रखें। उदाहरण के लिए:

[crio.runtime]
conmon_cgroup = "pod"
cgroup_manager = "cgroupfs"

कृपया बदले हुए conmon_cgroup पर भी ध्यान दें, जिसे cgroupfs के साथ CRI-O का उपयोग करते समय पॉड मान पर सेट करना होगा। आमतौर पर क्यूबलेट के cgroup ड्राइवर कॉन्फ़िगरेशन (आमतौर पर kubeadm के माध्यम से किया जाता है) और CRI-O को सिंक में रखना आवश्यक है।

डॉकर इंजन

डॉकर इंजन कंटेनर रनटाइम है जिसने यह सब शुरू किया। पूर्व में सिर्फ डॉकर के रूप में जाना जाता था,यह कंटेनर रनटाइम विभिन्न रूपों में उपलब्ध है। डॉकर इंजन इंस्टॉल करें आपके विकल्पों की व्याख्या करता है इस रनटाइम को इंस्टॉल करने के लिए।

डॉकर इंजन कुबेरनेट्स 1.25 के साथ सीधे संगत है, जो कि बहिष्कृत dockershim घटक का उपयोग करता है। अधिक जानकारी के लिए और संदर्भ, Dockershim deprecation FAQ देखें।

आप तृतीय-पक्ष एडेप्टर भी पा सकते हैं जो आपको कुबेरनेट्स के साथ डॉकर इंजन का उपयोग करने देता है, समर्थित Container Runtime Interface के माध्यम से (CRI)।

निम्नलिखित CRI एडेप्टर डॉकर इंजन के साथ काम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं:

मिरांटिस कंटेनर रनटाइम

Mirantis Container Runtime (MCR) एक व्यावसायिक रूप से है उपलब्ध कंटेनर रनटाइम जिसे पहले डॉकर एंटरप्राइज एडिशन के नाम से जाना जाता था।

आप खुले स्रोत का उपयोग करके कुबेरनेट्स के साथ मिरांटिस कंटेनर रनटाइम का उपयोग कर सकते हैं cri-dockerd घटक, MCR के साथ शामिल है।

3.2.2 - Turnkey Cloud Solutions

यह पृष्ठ कुबेरनेट्स प्रमाणित समाधान प्रदाताओं की एक सूची प्रदान करता है। हर एक प्रदाता पृष्ठ से आप सीख सकते हैं कि उत्पादन योग्य क्लस्टर को इंस्टॉल और सेटअप कैसे करें।

3.2.3 - कुबेरनेट्स में Windows

3.3 - उत्तम प्रथाएं

4 - कार्य

कुबेरनेट्स प्रलेखन के इस खंड के पृष्ठ एकल कार्य करने का तरीका दिखाते हैं। आमतौर पर, कार्य पृष्ठ दिखाता है कि किसी एक काम को कई छोटे चरणों में विभाजित करके कैसे करना है।

यदि आप एक कार्य पृष्ठ लिखना चाहते हैं, तो देखें प्रलेखन के लिए एक पुल अनुरोध (Pull Request) बनाएं.

4.1 - उपकरण स्थापित करें

अपने कंप्यूटर पर कुबेरनेट्स टूल सेटअप करें।

kubectl

कुबेरनेट्स कमांड-लाइन टूल, kubectl, आपको कुबेरनेट्स क्लस्टर पर कमांड चलाने की अनुमति देता है।

आप एप्लिकेशन को डिप्लॉय करने, क्लस्टर संसाधनों का निरीक्षण और प्रबंधन करने और लॉग देखने के लिए kubectl का उपयोग कर सकते हैं।

kubectl संचालन की पूरी सूची सहित अधिक जानकारी के लिए, देखें kubectl संदर्भ प्रलेखन.

kubectl विभिन्न प्रकार के Linux प्लेटफॉर्म, macOS और Windows पर इंस्टॉल करने योग्य है। नीचे अपना उपयुक्त ऑपरेटिंग सिस्टम खोजें।

kind

kind आपको अपने कंप्यूटर पर कुबेरनेट्स चलाने देता है। इस उपकरण के लिए आवश्यक है कि आपके पास Docker इंस्टॉल और कॉन्फ़िगर किया गया हो।

kind क्विक स्टार्ट पृष्ठ आपको दिखाता है कि kind चलाने के लिए आपको क्या करने की आवश्यकता है।

kind क्विक स्टार्ट गाइड देखें

minikube

kind की तरह, minikube एक उपकरण है जो आपको स्थानीय स्तर पर कुबेरनेट्स चलाने देता है। minikube आपके कंप्यूटर (windows, macOS और linux पीसी सहित) पर सिंगल-नोड कुबेरनेट्स क्लस्टर चलाता है ताकि आप कुबेरनेट्स सीख सकें या डेवलपमेंट कर सकें।

यदि आपका ध्यान उपकरण को इंस्टॉल करने पर है तो आप मुख्य आरंभ करें! गाइड का अनुसरण कर सकते हैं।

minikube क्विक स्टार्ट गाइड देखें

एक बार जब आपके पास minikube काम कर रहा हो, तो आप इसका उपयोग नमूना एप्लिकेशन चलाने के लिए कर सकते हैं।

kubeadm

कुबेरनेट्स क्लस्टर बनाने और प्रबंधित करने के लिए आप kubeadm टूल का उपयोग कर सकते हैं। यह उपयोगकर्ता के अनुकूल तरीके से न्यूनतम व्यवहार्य, सुरक्षित क्लस्टर बनाने और चलाने के लिए आवश्यक कार्य करता है।

kubeadm इंस्टॉल करना आपको दिखाता है कि kubeadm को कैसे इंस्टॉल किया जाए। एक बार इंस्टॉल होने के बाद, आप इसका उपयोग क्लस्टर बनाने के लिए कर सकते हैं।

kubeadm इंस्टॉल गाइड देखें

4.1.1 - Linux पर kubectl इंस्टॉल और सेट अप करें

शुरू करने से पहले

आप kubectl संस्करण का उपयोग करे जो आपके क्लस्टर के एक माइनर संस्करण के भीतर हो। उदाहरण के लिए, v1.25 क्लाइंट v1.24, v1.25 और v1.26 कण्ट्रोल प्लेन के साथ संवाद कर सकते हैं। kubectl के नवीनतम संस्करण का उपयोग करने से अप्रत्याशित मुद्दों से बचने में मदद मिलती है।

Linux पर kubectl इंस्टॉल करें

Linux पर kubectl संस्थापित करने के लिए निम्नलिखित विधियाँ मौजूद हैं:

Linux पर curl के माध्यम से kubectl बाइनरी इंस्टॉल करें

  1. कमांड से नवीनतम रिलीज डाउनलोड करें:

    curl -LO "https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/linux/amd64/kubectl"
    
  2. बाइनरी को मान्य करें (वैकल्पिक)

kubectl चेकसम फाइल डाउनलोड करें:

curl -LO "https://dl.k8s.io/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/linux/amd64/kubectl.sha256"

चेकसम फ़ाइल से kubectl बाइनरी को मान्य करें:

echo "$(<kubectl.sha256) kubectl" | sha256sum --check

यदि मान्य है, तो आउटपुट है:

kubectl: OK

अगर चेक फेल हो जाता है, तो sha256 nonzero स्थिति के साथ बाहर निकलता है और इस आउटपुट के समान प्रिंट करता है:

kubectl: FAILED
sha256sum: WARNING: 1 computed checksum did NOT match
  1. kubectl इंस्टॉल करें

    sudo install -o root -g root -m 0755 kubectl /usr/local/bin/kubectl
    
  2. यह सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण करें कि आपके द्वारा इंस्टॉल किया गया संस्करण उप-टू-डेट है:

    kubectl version --client
    

नेटिव पैकेज मैनेजमेंट के माध्यम से इंस्टॉल करें

  1. apt पैकेज इंडेक्स को अपडेट करे और कुबेरनेट्स apt रिपॉजिटरी का उपयोग करने के लिए आवश्यक पैकेज इंस्टॉल करें:

    sudo apt-get update
    sudo apt-get install -y apt-transport-https ca-certificates curl
    
  2. गूगल क्लाउड पब्लिक साइनिंग कुंजी (key) डाउनलोड करें:

    sudo curl -fsSLo /usr/share/keyrings/kubernetes-archive-keyring.gpg https://packages.cloud.google.com/apt/doc/apt-key.gpg
    
  3. कुबेरनेट्स apt रिपॉजिटरी को जोड़े:

    echo "deb [signed-by=/usr/share/keyrings/kubernetes-archive-keyring.gpg] https://apt.kubernetes.io/ kubernetes-xenial main" | sudo tee /etc/apt/sources.list.d/kubernetes.list
    
  4. नए रिपॉजिटरी के साथ apt पैकेज इंडेक्स अपडेट करें और kubectl इंस्टॉल करें:

    sudo apt-get update
    sudo apt-get install -y kubectl
    


cat <<EOF > /etc/yum.repos.d/kubernetes.repo
[kubernetes]
name=Kubernetes
baseurl=https://packages.cloud.google.com/yum/repos/kubernetes-el7-x86_64
enabled=1
gpgcheck=1
repo_gpgcheck=1
gpgkey=https://packages.cloud.google.com/yum/doc/rpm-package-key.gpg
EOF
yum install -y kubectl

अन्य पैकेज मैनेजमेंट के माध्यम से इंस्टॉल करें

यदि आप Ubuntu या किसी अन्य Linux डिस्ट्रीब्यूशन पर हैं जो snap पैकेज मैनेजर को सपोर्ट करता है, तो kubectl snap एप्लिकेशन के रूप में उपलब्ध है।

snap install kubectl --classic
kubectl version --client

यदि आप Linux पर Homebrew पैकेज मैनेजर का उपयोग कर रहे हैं, तो kubectl इंस्टालेशन के लिए उपलब्ध है।

brew install kubectl
kubectl version --client

kubectl कॉन्फ़िगरेशन सत्यापित करें

kubectl को कुबेरनेट्स क्लस्टर को खोजने और एक्सेस करने के लिए, उसे क्यूबकॉन्फिग फाइल(kubeconfig) की आवश्यकता होती है, जो स्वचालित रूप से तब बनता है जब आप kube-up.sh का उपयोग करके क्लस्टर बनाते हैं या मिनीक्यूब क्लस्टर को सफलतापूर्वक डिप्लॉय करते हैं। डिफ़ॉल्ट रूप से, kubectl कॉन्फ़िगरेशन ~/.kube/config पर स्थित होता है।

जाँच करें कि क्लस्टर स्टेट प्राप्त करके kubectl को ठीक से कॉन्फ़िगर किया गया है:

kubectl cluster-info

यदि आपको एक URL प्रतिक्रिया दिखती हैं, तो kubectl आपके क्लस्टर तक पहुँचने के लिए सही ढंग से कॉन्फ़िगर हुआ है।

यदि आपको निम्नलिखित संदेश दिखाई देता है, तो kubectl ठीक से कॉन्फ़िगर नहीं हुआ है या कुबेरनेट्स क्लस्टर से कनेक्ट करने में सक्षम नहीं है।

The connection to the server <server-name:port> was refused - did you specify the right host or port?

उदाहरण के लिए, यदि आप अपने लैपटॉप (स्थानीय रूप से) पर कुबेरनेट्स क्लस्टर चलाना चाहते हैं, तो आपको पहले मिनीक्यूब (minikube) जैसे टूल को इंस्टॉल करना होगा और ऊपर बताए गए कमांड को फिर से चलाना होगा।

यदि kubectl cluster-info URL प्रतिक्रिया देता है, लेकिन आप अपने क्लस्टर को एक्सेस नहीं कर पा रहें हैं, तो यह जाँचने के लिए कि क्या यह ठीक से कॉन्फ़िगर किया गया है, इस कमांड का उपयोग करें:

kubectl cluster-info dump

वैकल्पिक kubectl कॉन्फ़िगरेशन और प्लगइन्स

शेल ऑटोकम्प्लेशन सक्षम करें

kubectl Bash और Zsh के लिए ऑटोकम्प्लेशन का सपोर्ट प्रदान करता है, जो आपका काफी समय बचा सकता है।

नीचे Bash और Zsh के लिए ऑटोकम्प्लेशन स्थापित करने की प्रक्रियाएँ हैं।

परिचय

Bash के लिए kubectl समापन स्क्रिप्ट kubectl completion bash कमांड के साथ उत्पन्न की जा सकती है। आपके शेल में समापन स्क्रिप्ट को सोर्स करने से kubectl ऑटोकम्पलीशन सक्षम हो जाती है।

हालाँकि, समापन की स्क्रिप्ट bash-completion पर निर्भर हैं जिसका अर्थ है कि आपको पहले इस सॉफ़्टवेयर को इंस्टॉल करना होगा (आप type _init_completion चलाकर परीक्षण कर सकते हैं कि आपने पहले से bash-completion इंस्टॉल की है या नहीं)।

Bash-completion को इंस्टॉल करें

कई पैकेज मैनेजर द्वारा bash-completion प्रदान की जाती है (यहाँ देखें)। आप इसे apt-get install bash-completion या yum install bash-completion आदि के साथ इंस्टॉल कर सकते हैं।

यह कमांड /usr/share/bash-completion/bash_completion उत्त्पन्न करता है, जो bash-completion की मुख्य स्क्रिप्ट है। आपके पैकेज मैनेजर के आधार पर, आपको इस फाइल को अपनी ~/.bashrc फाइल में मैन्युअल रूप से सोर्स करना होगा।

यह पता लगाने के लिए, अपना शेल पुनः लोड करें और type _init_completion रन करे। यदि कमांड सफल होता है, तो आप पहले से ही तैयार हैं, अन्यथा अपनी ~/.bashrc फ़ाइल में निम्नलिखित जोड़ें:

source /usr/share/bash-completion/bash_completion

अपना शेल पुनः लोड करें और type _init_completion टाइप करके सत्यापित करें कि बैश-कम्पलीशन सही ढंग से इंस्टॉल है।

kubectl ऑटोकम्पलीशन सक्षम करे

अब आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि kubectl समापन स्क्रिप्ट आपके सभी शेल सत्रों (sourced) में प्राप्त हो जाए। आप ऐसा दो तरीकों से कर सकते हैं:

  • अपनी ~/.bashrc फ़ाइल में समापन स्क्रिप्ट सॉर्स करें:

    echo 'source <(kubectl completion bash)' >>~/.bashr
    
  • समापन स्क्रिप्ट को /etc/bash_completion.d डायरेक्टरी में जोड़ें: bash kubectl completion bash >/etc/bash_completion.d/kubectl

यदि आप के पास kubectl के लिए एक अन्य नाम (alias) है, तो आप उस अन्य नाम के साथ काम करने के लिए शेल समापन को बढ़ा सकते हैं:

echo 'alias k=kubectl' >>~/.bashrc
echo 'complete -F __start_kubectl k' >>~/.bashrc

दोनों दृष्टिकोण बराबर हैं। आपके शेल को पुनः लोड करने के बाद, Kubectl ऑटोकम्पलीशन कार्य करना शुरू कर देगा।

Zsh के लिए kubectl कम्पलीशन स्क्रिप्ट kubectl completion zsh कमांड के साथ उत्पन्न की जा सकती है। आपके शेल में कम्पलीशन स्क्रिप्ट को सोर्स करने से kubectl ऑटो-कम्पलीशन सक्षम हो जाती है।

अपने सभी शेल सत्रों में ऐसा करने के लिए, निम्नलिखित को अपनी ~/.zshrc फ़ाइल में जोड़ें:

source <(kubectl completion zsh)

यदि आपके पास kubectl के लिए एक उपनाम है, तो आप उस उपनाम के साथ काम करने के लिए शेल कम्पलीशन को बढ़ा सकते हैं:

echo 'alias k=kubectl' >>~/.zshrc
echo 'complete -F __start_kubectl k' >>~/.zshrc

अपने शेल को पुनः लोड करने के बाद, kubectl ऑटो-कम्पलीशन कार्य करना चाहिए।

यदि आपको कोई त्रुटि मिलती है जैसे complete:13: command not found: compdef, तो अपनी ~/.zshrc फ़ाइल की शुरुआत में निम्नलिखित जोड़ें:

autoload -Uz compinit
compinit

kubectl convert प्लगइन इंस्टॉल करें

कुबेरनेट्स कमांड-लाइन टूल kubectl के लिए एक प्लगइन, जो आपको विभिन्न API संस्करण के बीच मैनिफ़ेस्ट को बदलने करने की अनुमति देता है। यह विशेष रूप से नए कुबेरनेट्स रिलीज के साथ एक गैर-बहिष्कृत API संस्करण में मैनिफेस्ट को माइग्रेट करने में सहायक हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए, गैर पदावनत एपिस में विस्थापित करें पर जाएं।

  1. कमांड से नवीनतम रिलीज डाउनलोड करें:

    curl -LO https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/linux/amd64/kubectl-convert
    
  2. बाइनरी को मान्य करें (वैकल्पिक)

    kubectl-convert चेकसम फ़ाइल डाउनलोड करें:

    curl -LO "https://dl.k8s.io/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/linux/amd64/kubectl-convert.sha256"
    

    चेकसम फ़ाइल से kubectl-convert बाइनरी को मान्य करें:

    echo "$(<kubectl-convert.sha256) kubectl-convert" | sha256sum --check
    

    यदि मान्य है, तो आउटपुट है:

    kubectl-convert: OK
    

    अगर चेक फेल हो जाता है, तो sha256 nonzero स्थिति के साथ बाहर निकलता है और इस आउटपुट के समान प्रिंट करता है:

    kubectl-convert: FAILED
    sha256sum: WARNING: 1 computed checksum did NOT match
    
  3. kubectl-convert इंस्टॉल करें

    sudo install -o root -g root -m 0755 kubectl-convert /usr/local/bin/kubectl-convert
    
  4. सत्यापित करें कि प्लगइन सफलतापूर्वक इंस्टॉल है

    kubectl convert --help
    

    यदि आपको कोई त्रुटि नहीं दिखाई देती है, तो इसका मतलब है कि प्लगइन सफलतापूर्वक इंस्टॉल हो गया है।

आगे क्या है

4.1.2 - macOS पर kubectl इंस्टॉल और सेटअप करें

शुरू करने से पहले

आप kubectl संस्करण का उपयोग करे जो आपके क्लस्टर के एक माइनर संस्करण भीतर हो। उदाहरण के लिए, v1.25 क्लाइंट v1.24, v1.25 और v1.26 कण्ट्रोल प्लेन के साथ कम्युनिकेट कर सकते हैं। kubectl के नए संस्करण का उपयोग करने से समस्या से बचत हो सकती है।

macOS पर kubectl इंस्टॉल करें

macOS पर kubectl संस्थापित करने के लिए निम्नलिखित विधियाँ मौजूद हैं:

macOS पर curl के माध्यम से kubectl बाइनरी इंस्टॉल करें

  1. नवीनतम रिलीज़ डाउनलोड करें:

    
       curl -LO "https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/darwin/amd64/kubectl"
       

    
       curl -LO "https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/darwin/arm64/kubectl"
       
  2. बाइनरी को मान्य करें (वैकल्पिक))

    kubectl चेकसम फाइल डाउनलोड करें:

    
       curl -LO "https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/darwin/amd64/kubectl.sha256"
       

    
       curl -LO "https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/darwin/arm64/kubectl.sha256"
       

    चेकसम फ़ाइल से kubectl बाइनरी को मान्य करें:

    echo "$(<kubectl.sha256)  kubectl" | shasum -a 256 --check
    

    यदि मान्य है, तो आउटपुट है:

    kubectl: OK
    

    अगर चेक फेल हो जाता है, तो shasum nonzero स्थिति के साथ बाहर निकलता है और इस आउटपुट के समान प्रिंट करता है:

    kubectl: FAILED
    shasum: WARNING: 1 computed checksum did NOT match
    
  3. kubectl बाइनरी को एक्सेक्यूट करने योग्य बनायें।

    chmod +x ./kubectl
    
  4. kubectl बाइनरी को अपने सिस्टम PATH के फ़ाइल स्थान पर ले जाएँ।

    sudo mv ./kubectl /usr/local/bin/kubectl
    sudo chown root: /usr/local/bin/kubectl
    
  5. यह सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण करें कि आपके द्वारा इंस्टॉल किया गया संस्करण उप-टू-डेट है:

    kubectl version --client
    

Homebrew के माध्यम से macOS पर इंस्टॉल करें

यदि आप macOS पर हैं और Homebrew पैकेज मैनेजर का उपयोग कर रहे हैं, आप Homebrew के साथ kubectl इंस्टॉल कर सकते हैं।

  1. इंस्टालेशन कमांड रन करें:

    brew install kubectl 
    

    या

    brew install kubernetes-cli
    
  2. यह सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण करें कि आपके द्वारा इंस्टॉल किया गया संस्करण उप-टू-डेट है:

    kubectl version --client
    

Macports के माध्यम से macOS पर इंस्टॉल करें

यदि आप macOS पर हैं और Macports पैकेज मैनेजर का उपयोग कर रहे हैं, आप Macports के साथ kubectl इंस्टॉल कर सकते हैं।

  1. इंस्टालेशन कमांड रन करें:

    sudo port selfupdate
    sudo port install kubectl
    
  2. यह सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण करें कि आपके द्वारा इंस्टॉल किया गया संस्करण उप-टू-डेट है:

    kubectl version --client
    

kubectl कॉन्फ़िगरेशन सत्यापित करें

kubectl को कुबेरनेट्स क्लस्टर को खोजने और एक्सेस करने के लिए, उसे क्यूबकॉन्फिग फाइल(kubeconfig) की आवश्यकता होती है, जो स्वचालित रूप से तब बनता है जब आप kube-up.sh का उपयोग करके क्लस्टर बनाते हैं या मिनीक्यूब क्लस्टर को सफलतापूर्वक डिप्लॉय करते हैं। डिफ़ॉल्ट रूप से, kubectl कॉन्फ़िगरेशन ~/.kube/config पर स्थित होता है।

जाँच करें कि क्लस्टर स्टेट प्राप्त करके kubectl को ठीक से कॉन्फ़िगर किया गया है:

kubectl cluster-info

यदि आपको एक URL प्रतिक्रिया दिखती हैं, तो kubectl आपके क्लस्टर तक पहुँचने के लिए सही ढंग से कॉन्फ़िगर हुआ है।

यदि आपको निम्नलिखित संदेश दिखाई देता है, तो kubectl ठीक से कॉन्फ़िगर नहीं हुआ है या कुबेरनेट्स क्लस्टर से कनेक्ट करने में सक्षम नहीं है।

The connection to the server <server-name:port> was refused - did you specify the right host or port?

उदाहरण के लिए, यदि आप अपने लैपटॉप (स्थानीय रूप से) पर कुबेरनेट्स क्लस्टर चलाना चाहते हैं, तो आपको पहले मिनीक्यूब (minikube) जैसे टूल को इंस्टॉल करना होगा और ऊपर बताए गए कमांड को फिर से चलाना होगा।

यदि kubectl cluster-info URL प्रतिक्रिया देता है, लेकिन आप अपने क्लस्टर को एक्सेस नहीं कर पा रहें हैं, तो यह जाँचने के लिए कि क्या यह ठीक से कॉन्फ़िगर किया गया है, इस कमांड का उपयोग करें:

kubectl cluster-info dump

वैकल्पिक Kubectl कॉन्फ़िगरेशन और प्लगइन्स

शेल ऑटोकम्प्लेशन सक्षम करें

kubectl Bash और Zsh के लिए ऑटोकम्प्लेशन का सपोर्ट प्रदान करता है, जो आपका काफी समय बचा सकता है।

नीचे Bash और Zsh के लिए ऑटोकम्प्लेशन स्थापित करने की प्रक्रियाएँ हैं।

परिचय

Bash के लिए kubectl समापन स्क्रिप्ट kubectl completion bash कमांड के साथ उत्पन्न की जा सकती है। आपके शेल में समापन स्क्रिप्ट को सोर्स करने से kubectl ऑटोकम्पलीशन सक्षम हो जाती है।```

हालाँकि, समापन की स्क्रिप्ट bash-completion पर निर्भर हैं जिसका अर्थ है कि आपको पहले इस सॉफ़्टवेयर को इंस्टॉल करना होगा।

अपग्रेड बैश

निम्नलिखित निर्देश मानते हैं कि आप बैश 4.1+ का उपयोग करते हैं। आप अपने बैश के संस्करण को यह चलाकर देख सकते हैं:

echo $BASH_VERSION

यदि यह बहुत पुराना है, तो आप Homebrew का उपयोग करके इसे इनस्टॉल/अपग्रेड कर सकते हैं:

brew install bash

अपने शेल को पुनः लोड करें और सत्यापित करें कि इच्छित संस्करण का उपयोग किया जा रहा है:

echo $BASH_VERSION $SHELL

Homebrew आमतौर पर इसे /usr/local/bin/bash पर इनस्टॉल करता है।

इनस्टॉल bash-completion

आप type_init_completion से सत्यापित कर सकते हैं कि क्या आपके पास bash-completion v2 पहले से इनस्टॉल है। यदि नहीं, तो आप इसे Homebrew से इनस्टॉल कर सकते हैं

brew install bash-completion@2

जैसा कि इस कमांड के आउटपुट में बताया गया है, अपनी ~/.bash_profile फ़ाइल में निम्नलिखित जोड़ें:

export BASH_COMPLETION_COMPAT_DIR="/usr/local/etc/bash_completion.d"

[[ -r "/usr/local/etc/profile.d/bash_completion.sh" ]] && . "/usr/local/etc/profile.d/bash_completion.sh"

अपने शेल को पुनः लोड करें और type_init_completion से सत्यापित करें कि bash-completion v2 सही ढंग से इनस्टॉल है।

kubectl ऑटोकम्पलीशन सक्षम करें

अब आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि kubectl समापन स्क्रिप्ट आपके सभी शेल सत्रों (sourced) में प्राप्त हो जाए। इसे हासिल करने के कई तरीके हैं:

  • अपने कम्पलीशन स्क्रिप्ट को ~/.bash_profile में सोर्स करें:

    echo 'source <(kubectl completion bash)' >>~/.bash_profile
    
  • कम्पलीशन स्क्रिप्ट को /usr/local/etc/bash_completion.d डायरेक्टरी में जोड़ें:

    kubectl completion bash >/usr/local/etc/bash_completion.d/kubectl
    
  • यदि आपके पास kubectl के लिए एक नाम (alias) है, तो आप उस उपनाम के साथ काम करने के लिए शेल कम्पलीशन को बढ़ा सकते हैं:

    echo 'alias k=kubectl' >>~/.bash_profile
    echo 'complete -F __start_kubectl k' >>~/.bash_profile
    
  • यदि आपने Homebrew के साथ kubectl इनस्टॉल किया है (जैसा कि यहां बताया गया है), तो kubectl कम्पलीशन स्क्रिप्ट पहले से ही /usr/local/etc/bash_completion.d/kubectl में होनी चाहिए। ऐसे में आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है।

किसी भी स्थिति में, आपके शेल को पुनः लोड करने के बाद, Kubectl पूर्णता कार्य करना चाहिए।

Zsh के लिए kubectl कम्पलीशन स्क्रिप्ट kubectl completion zsh कमांड के साथ उत्पन्न की जा सकती है। आपके शेल में कम्पलीशन स्क्रिप्ट को सोर्स करने से kubectl ऑटो-कम्पलीशन सक्षम हो जाती है।

अपने सभी शेल सत्रों में ऐसा करने के लिए, निम्नलिखित को अपनी ~/.zshrc फ़ाइल में जोड़ें:

source <(kubectl completion zsh)

यदि आपके पास kubectl के लिए एक उपनाम है, तो आप उस उपनाम के साथ काम करने के लिए शेल कम्पलीशन को बढ़ा सकते हैं:

echo 'alias k=kubectl' >>~/.zshrc
echo 'complete -F __start_kubectl k' >>~/.zshrc

अपने शेल को पुनः लोड करने के बाद, kubectl ऑटो-कम्पलीशन कार्य करना चाहिए।

यदि आपको कोई त्रुटि मिलती है जैसे complete:13: command not found: compdef, तो अपनी ~/.zshrc फ़ाइल की शुरुआत में निम्नलिखित जोड़ें:

autoload -Uz compinit
compinit

kubectl convert प्लगइन इंस्टॉल करें

कुबेरनेट्स कमांड-लाइन टूल kubectl के लिए एक प्लगइन, जो आपको विभिन्न API संस्करण के बीच मैनिफ़ेस्ट को बदलने करने की अनुमति देता है। यह विशेष रूप से नए कुबेरनेट्स रिलीज के साथ एक गैर-बहिष्कृत API संस्करण में मैनिफेस्ट को माइग्रेट करने में सहायक हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए, गैर पदावनत एपिस में विस्थापित करें पर जाएं।

  1. इस कमांड से नवीनतम रिलीज डाउनलोड करें:

    
       curl -LO "https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/darwin/amd64/kubectl-convert"
       

    
       curl -LO "https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/darwin/arm64/kubectl-convert"
       
  2. बाइनरी को मान्य करें (वैकल्पिक)

    kubectl-convert चेकसम फ़ाइल डाउनलोड करें:

    
       curl -LO "https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/darwin/amd64/kubectl-convert.sha256"
       

    
       curl -LO "https://dl.k8s.io/release/$(curl -L -s https://dl.k8s.io/release/stable.txt)/bin/darwin/arm64/kubectl-convert.sha256"
       

    चेकसम फ़ाइल से kubectl-convert बाइनरी को मान्य करें:

    echo "$(<kubectl-convert.sha256)  kubectl-convert" | shasum -a 256 --check
    

    यदि मान्य है, तो आउटपुट है:

    kubectl-convert: OK
    

    अगर चेक फेल हो जाता है, तो sha256 nonzero स्थिति के साथ बाहर निकलता है और इस आउटपुट के समान प्रिंट करता है:

    kubectl-convert: FAILED
    shasum: WARNING: 1 computed checksum did NOT match
    
  3. Kubectl-कन्वर्ट बाइनरी को एक्सेक्यूट करने योग्य बनाएं

    chmod +x ./kubectl-convert
    
  4. kubectl-convert binary बाइनरी को अपने सिस्टम PATH के फ़ाइल स्थान पर ले जाएँ।

    sudo mv ./kubectl-convert /usr/local/bin/kubectl-convert
    sudo chown root: /usr/local/bin/kubectl-convert
    
  5. सत्यापित करें कि प्लगइन सफलतापूर्वक इंस्टॉल हो गया है

    kubectl convert --help
    

    यदि आपको कोई त्रुटि नहीं दिखाई देती है, तो इसका मतलब है कि प्लगइन सफलतापूर्वक इंस्टॉल हो गया है।

आगे क्या है

4.1.3 - Windows पर kubectl इंस्टॉल और सेटअप करें

शुरू करने से पहले

आप kubectl संस्करण का उपयोग करे जो आपके क्लस्टर के एक माइनर संस्करण भीतर हो। उदाहरण के लिए, v1.25 क्लाइंट v1.24, v1.25 और v1.26 कण्ट्रोल प्लेन के साथ कम्युनिकेट कर सकते हैं। kubectl के नए संस्करण का उपयोग करने से समस्या से बचत हो सकती है।

Windows पर kubectl इंस्टॉल करें

Windows पर kubectl संस्थापित करने के लिए निम्नलिखित विधियाँ मौजूद हैं:

Windows पर curl के माध्यम से kubectl बाइनरी इंस्टॉल करें

  1. latest release v1.25.0 डाउनलोड करें।

    या यदि आपके पास curl है, तो इस कमांड का उपयोग करें:

    curl -LO https://dl.k8s.io/release//bin/windows/amd64/kubectl.exe
    
  2. बाइनरी को मान्य करें (वैकल्पिक)

    kubectl चेकसम फाइल डाउनलोड करें:

    curl -LO https://dl.k8s.io//bin/windows/amd64/kubectl.exe.sha256
    

    चेकसम फ़ाइल से kubectl बाइनरी को मान्य करें:

    • मैन्युअल रूप से कमांड प्रॉम्प्ट का उपयोग करके CertUtil के आउटपुट की तुलना डाउनलोडेड चेकसम फ़ाइल से करें:

      CertUtil -hashfile kubectl.exe SHA256
      type kubectl.exe.sha256
      
    • True या False परिणाम प्राप्त करने के लिए -eq ऑपरेटर का उपयोग करके सत्यापन को ऑटोमेट करने के लिए powershell का उपयोग करें:

      $($(CertUtil -hashfile .\kubectl.exe SHA256)[1] -replace " ", "") -eq $(type .\kubectl.exe.sha256)
      
  3. अपने PATH में बाइनरी जोड़ें।

  4. यह सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण करें कि kubectl संस्करण डाउनलोड के समान है:

    kubectl version --client
    

Chocolatey या Scoop का उपयोग करके Windows पर इंस्टॉल करें

  1. Windows पर kubectl इंस्टॉल करने के लिए आप या तो Chocolatey पैकेज मैनेजर अथवा Scoop कमांड-लाइन इंस्टॉलर का उपयोग कर सकते हैं।

    choco install kubernetes-cli
    

    scoop install kubectl
    
  2. यह सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण करें कि आपके द्वारा इंस्टॉल किया गया संस्करण उप-टू-डेट है:

    kubectl version --client
    
  3. अपनी होम डायरेक्टरी पर जाएं:

    # यदि आप cmd.exe का प्रयोग कर रहे हैं, तो: cd %USERPROFILE%
    cd ~
    
  4. .kube डायरेक्टरी बनाएं:

    mkdir .kube
    
  5. आपके द्वारा अभी बनाई गई .kube डायरेक्टरी में जाएं:

    cd .kube
    
  6. दूरस्थ कुबेरनेट्स क्लस्टर का उपयोग करने के लिए kubectl को कॉन्फ़िगर करें:

    New-Item config -type file
    

kubectl कॉन्फ़िगरेशन सत्यापित करें

kubectl को कुबेरनेट्स क्लस्टर को खोजने और एक्सेस करने के लिए, उसे क्यूबकॉन्फिग फाइल(kubeconfig) की आवश्यकता होती है, जो स्वचालित रूप से तब बनता है जब आप kube-up.sh का उपयोग करके क्लस्टर बनाते हैं या मिनीक्यूब क्लस्टर को सफलतापूर्वक डिप्लॉय करते हैं। डिफ़ॉल्ट रूप से, kubectl कॉन्फ़िगरेशन ~/.kube/config पर स्थित होता है।

जाँच करें कि क्लस्टर स्टेट प्राप्त करके kubectl को ठीक से कॉन्फ़िगर किया गया है:

kubectl cluster-info

यदि आपको एक URL प्रतिक्रिया दिखती हैं, तो kubectl आपके क्लस्टर तक पहुँचने के लिए सही ढंग से कॉन्फ़िगर हुआ है।

यदि आपको निम्नलिखित संदेश दिखाई देता है, तो kubectl ठीक से कॉन्फ़िगर नहीं हुआ है या कुबेरनेट्स क्लस्टर से कनेक्ट करने में सक्षम नहीं है।

The connection to the server <server-name:port> was refused - did you specify the right host or port?

उदाहरण के लिए, यदि आप अपने लैपटॉप (स्थानीय रूप से) पर कुबेरनेट्स क्लस्टर चलाना चाहते हैं, तो आपको पहले मिनीक्यूब (minikube) जैसे टूल को इंस्टॉल करना होगा और ऊपर बताए गए कमांड को फिर से चलाना होगा।

यदि kubectl cluster-info URL प्रतिक्रिया देता है, लेकिन आप अपने क्लस्टर को एक्सेस नहीं कर पा रहें हैं, तो यह जाँचने के लिए कि क्या यह ठीक से कॉन्फ़िगर किया गया है, इस कमांड का उपयोग करें:

kubectl cluster-info dump

वैकल्पिक kubectl कॉन्फ़िगरेशन और प्लगइन्स

शेल ऑटोकम्प्लेशन सक्षम करें

kubectl Bash और Zsh के लिए ऑटोकम्प्लेशन का सपोर्ट प्रदान करता है, जो आपको बहुत सारी टाइपिंग बचा सकता है।

नीचे Zsh के लिए ऑटोकम्प्लेशन स्थापित करने की प्रक्रियाएँ हैं, यदि आप इसे Windows पर चला रहे हैं।

Zsh के लिए kubectl कम्पलीशन स्क्रिप्ट kubectl completion zsh कमांड के साथ उत्पन्न की जा सकती है। आपके शेल में कम्पलीशन स्क्रिप्ट को सोर्स करने से kubectl ऑटो-कम्पलीशन सक्षम हो जाती है।

अपने सभी शेल सत्रों में ऐसा करने के लिए, निम्नलिखित को अपनी ~/.zshrc फ़ाइल में जोड़ें:

source <(kubectl completion zsh)

यदि आपके पास kubectl के लिए एक उपनाम है, तो आप उस उपनाम के साथ काम करने के लिए शेल कम्पलीशन को बढ़ा सकते हैं:

echo 'alias k=kubectl' >>~/.zshrc
echo 'complete -F __start_kubectl k' >>~/.zshrc

अपने शेल को पुनः लोड करने के बाद, kubectl ऑटो-कम्पलीशन कार्य करना चाहिए।

यदि आपको कोई त्रुटि मिलती है जैसे complete:13: command not found: compdef, तो अपनी ~/.zshrc फ़ाइल की शुरुआत में निम्नलिखित जोड़ें:

autoload -Uz compinit
compinit

इंस्टॉल kubectl convert प्लगइन

कुबेरनेट्स कमांड-लाइन टूल kubectl के लिए एक प्लगइन, जो आपको विभिन्न API संस्करण के बीच मैनिफ़ेस्ट को बदलने करने की अनुमति देता है। यह विशेष रूप से नए कुबेरनेट्स रिलीज के साथ एक गैर-बहिष्कृत API संस्करण में मैनिफेस्ट को माइग्रेट करने में सहायक हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए, गैर पदावनत एपिस में विस्थापित करें पर जाएं।

  1. इस कमांड से नवीनतम रिलीज डाउनलोड करें:

    curl -LO https://dl.k8s.io/release//bin/windows/amd64/kubectl-convert.exe
    
  2. बाइनरी को मान्य करें (वैकल्पिक)

    kubectl-convert चेकसम फ़ाइल डाउनलोड करें:

    curl -LO https://dl.k8s.io//bin/windows/amd64/kubectl-convert.exe.sha256
    

    चेकसम फ़ाइल से kubectl-convert बाइनरी को मान्य करें:

    • मैन्युअल रूप से कमांड प्रॉम्प्ट का उपयोग करके CertUtil के आउटपुट की तुलना डाउनलोड किये गये चेकसम फ़ाइल से करें:

      CertUtil -hashfile kubectl-convert.exe SHA256
      type kubectl-convert.exe.sha256
      
    • True या False परिणाम प्राप्त करने और -eq ऑपरेटर का उपयोग करके सत्यापन को ऑटोमेट करने के लिए Powershell का उपयोग करें:

      $($(CertUtil -hashfile .\kubectl-convert.exe SHA256)[1] -replace " ", "") -eq $(type .\kubectl-convert.exe.sha256)
      
  3. अपने PATH में बाइनरी जोड़ें।

  4. सत्यापित करें कि प्लगइन सफलतापूर्वक इंस्टॉल हो गया है।

    kubectl convert --help
    

    यदि आपको कोई त्रुटि नहीं दिखाई देती है, तो इसका मतलब है कि प्लगइन सफलतापूर्वक इंस्टॉल हो गया है।

आगे क्या है

4.1.4 - शामिल उपकरण

स्निपेट्स को मुख्य kubectl-installs-*.md पृष्ठों में शामिल करना है

4.1.4.1 - kubectl इंस्टॉल सत्यापित करें

kubectl कैसे सत्यापित करें।

kubectl को कुबेरनेट्स क्लस्टर को खोजने और एक्सेस करने के लिए, उसे क्यूबकॉन्फिग फाइल(kubeconfig) की आवश्यकता होती है, जो स्वचालित रूप से तब बनता है जब आप kube-up.sh का उपयोग करके क्लस्टर बनाते हैं या मिनीक्यूब क्लस्टर को सफलतापूर्वक डिप्लॉय करते हैं। डिफ़ॉल्ट रूप से, kubectl कॉन्फ़िगरेशन ~/.kube/config पर स्थित होता है।

जाँच करें कि क्लस्टर स्टेट प्राप्त करके kubectl को ठीक से कॉन्फ़िगर किया गया है:

kubectl cluster-info

यदि आपको एक URL प्रतिक्रिया दिखती हैं, तो kubectl आपके क्लस्टर तक पहुँचने के लिए सही ढंग से कॉन्फ़िगर हुआ है।

यदि आपको निम्नलिखित संदेश दिखाई देता है, तो kubectl ठीक से कॉन्फ़िगर नहीं हुआ है या कुबेरनेट्स क्लस्टर से कनेक्ट करने में सक्षम नहीं है।

The connection to the server <server-name:port> was refused - did you specify the right host or port?

उदाहरण के लिए, यदि आप अपने लैपटॉप (स्थानीय रूप से) पर कुबेरनेट्स क्लस्टर चलाना चाहते हैं, तो आपको पहले मिनीक्यूब (minikube) जैसे टूल को इंस्टॉल करना होगा और ऊपर बताए गए कमांड को फिर से चलाना होगा।

यदि kubectl cluster-info URL प्रतिक्रिया देता है, लेकिन आप अपने क्लस्टर को एक्सेस नहीं कर पा रहें हैं, तो यह जाँचने के लिए कि क्या यह ठीक से कॉन्फ़िगर किया गया है, इस कमांड का उपयोग करें:

kubectl cluster-info dump

4.1.4.2 - kubectl-convert अवलोकन

एक kubectl प्लगइन जो आपके मैनिफेस्ट को कुबेरनेट्स API के एक से दूसरे संस्करण में बदलने की अनुमति देता है।

कुबेरनेट्स कमांड-लाइन टूल kubectl के लिए एक प्लगइन, जो आपको विभिन्न API संस्करण के बीच मैनिफ़ेस्ट को बदलने करने की अनुमति देता है। यह विशेष रूप से नए कुबेरनेट्स रिलीज के साथ एक गैर-बहिष्कृत API संस्करण में मैनिफेस्ट को माइग्रेट करने में सहायक हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए, गैर पदावनत एपिस में विस्थापित करें पर जाएं।

4.1.4.3 - Linux पर bash ऑटो-कम्पलीशन

Linux पर bash ऑटो-कम्पलीशन के लिए कुछ वैकल्पिक कॉन्फ़िगरेशन।

परिचय

Bash के लिए kubectl समापन स्क्रिप्ट kubectl completion bash कमांड के साथ उत्पन्न की जा सकती है। आपके शेल में समापन स्क्रिप्ट को सोर्स करने से kubectl ऑटोकम्पलीशन सक्षम हो जाती है।

हालाँकि, समापन की स्क्रिप्ट bash-completion पर निर्भर हैं जिसका अर्थ है कि आपको पहले इस सॉफ़्टवेयर को इंस्टॉल करना होगा (आप type _init_completion चलाकर परीक्षण कर सकते हैं कि आपने पहले से bash-completion इंस्टॉल की है या नहीं)।

Bash-completion को इंस्टॉल करें

कई पैकेज मैनेजर द्वारा bash-completion प्रदान की जाती है (यहाँ देखें)। आप इसे apt-get install bash-completion या yum install bash-completion आदि के साथ इंस्टॉल कर सकते हैं।

यह कमांड /usr/share/bash-completion/bash_completion उत्त्पन्न करता है, जो bash-completion की मुख्य स्क्रिप्ट है। आपके पैकेज मैनेजर के आधार पर, आपको इस फाइल को अपनी ~/.bashrc फाइल में मैन्युअल रूप से सोर्स करना होगा।

यह पता लगाने के लिए, अपना शेल पुनः लोड करें और type _init_completion रन करे। यदि कमांड सफल होता है, तो आप पहले से ही तैयार हैं, अन्यथा अपनी ~/.bashrc फ़ाइल में निम्नलिखित जोड़ें:

source /usr/share/bash-completion/bash_completion

अपना शेल पुनः लोड करें और type _init_completion टाइप करके सत्यापित करें कि बैश-कम्पलीशन सही ढंग से इंस्टॉल है।

kubectl ऑटोकम्पलीशन सक्षम करे

अब आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि kubectl समापन स्क्रिप्ट आपके सभी शेल सत्रों (sourced) में प्राप्त हो जाए। आप ऐसा दो तरीकों से कर सकते हैं:

  • अपनी ~/.bashrc फ़ाइल में समापन स्क्रिप्ट सॉर्स करें:

    echo 'source <(kubectl completion bash)' >>~/.bashr
    
  • समापन स्क्रिप्ट को /etc/bash_completion.d डायरेक्टरी में जोड़ें: bash kubectl completion bash >/etc/bash_completion.d/kubectl

यदि आप के पास kubectl के लिए एक अन्य नाम (alias) है, तो आप उस अन्य नाम के साथ काम करने के लिए शेल समापन को बढ़ा सकते हैं:

echo 'alias k=kubectl' >>~/.bashrc
echo 'complete -F __start_kubectl k' >>~/.bashrc

दोनों दृष्टिकोण बराबर हैं। आपके शेल को पुनः लोड करने के बाद, Kubectl ऑटोकम्पलीशन कार्य करना शुरू कर देगा।

4.1.4.4 - macOS पर bash ऑटो-कम्पलीशन

macOS पर bash ऑटो-कम्पलीशन के लिए कुछ वैकल्पिक कॉन्फ़िगरेशन।

परिचय

Bash के लिए kubectl समापन स्क्रिप्ट kubectl completion bash कमांड के साथ उत्पन्न की जा सकती है। आपके शेल में समापन स्क्रिप्ट को सोर्स करने से kubectl ऑटोकम्पलीशन सक्षम हो जाती है।```

हालाँकि, समापन की स्क्रिप्ट bash-completion पर निर्भर हैं जिसका अर्थ है कि आपको पहले इस सॉफ़्टवेयर को इंस्टॉल करना होगा।

अपग्रेड बैश

निम्नलिखित निर्देश मानते हैं कि आप बैश 4.1+ का उपयोग करते हैं। आप अपने बैश के संस्करण को यह चलाकर देख सकते हैं:

echo $BASH_VERSION

यदि यह बहुत पुराना है, तो आप Homebrew का उपयोग करके इसे इनस्टॉल/अपग्रेड कर सकते हैं:

brew install bash

अपने शेल को पुनः लोड करें और सत्यापित करें कि इच्छित संस्करण का उपयोग किया जा रहा है:

echo $BASH_VERSION $SHELL

Homebrew आमतौर पर इसे /usr/local/bin/bash पर इनस्टॉल करता है।

इनस्टॉल bash-completion

आप type_init_completion से सत्यापित कर सकते हैं कि क्या आपके पास bash-completion v2 पहले से इनस्टॉल है। यदि नहीं, तो आप इसे Homebrew से इनस्टॉल कर सकते हैं

brew install bash-completion@2

जैसा कि इस कमांड के आउटपुट में बताया गया है, अपनी ~/.bash_profile फ़ाइल में निम्नलिखित जोड़ें:

export BASH_COMPLETION_COMPAT_DIR="/usr/local/etc/bash_completion.d"

[[ -r "/usr/local/etc/profile.d/bash_completion.sh" ]] && . "/usr/local/etc/profile.d/bash_completion.sh"

अपने शेल को पुनः लोड करें और type_init_completion से सत्यापित करें कि bash-completion v2 सही ढंग से इनस्टॉल है।

kubectl ऑटोकम्पलीशन सक्षम करें

अब आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि kubectl समापन स्क्रिप्ट आपके सभी शेल सत्रों (sourced) में प्राप्त हो जाए। इसे हासिल करने के कई तरीके हैं:

  • अपने कम्पलीशन स्क्रिप्ट को ~/.bash_profile में सोर्स करें:

    echo 'source <(kubectl completion bash)' >>~/.bash_profile
    
  • कम्पलीशन स्क्रिप्ट को /usr/local/etc/bash_completion.d डायरेक्टरी में जोड़ें:

    kubectl completion bash >/usr/local/etc/bash_completion.d/kubectl
    
  • यदि आपके पास kubectl के लिए एक नाम (alias) है, तो आप उस उपनाम के साथ काम करने के लिए शेल कम्पलीशन को बढ़ा सकते हैं:

    echo 'alias k=kubectl' >>~/.bash_profile
    echo 'complete -F __start_kubectl k' >>~/.bash_profile
    
  • यदि आपने Homebrew के साथ kubectl इनस्टॉल किया है (जैसा कि यहां बताया गया है), तो kubectl कम्पलीशन स्क्रिप्ट पहले से ही /usr/local/etc/bash_completion.d/kubectl में होनी चाहिए। ऐसे में आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है।

किसी भी स्थिति में, आपके शेल को पुनः लोड करने के बाद, Kubectl पूर्णता कार्य करना चाहिए।

4.1.4.5 - zsh ऑटो-कम्पलीशन

zsh ऑटो-कम्पलीशन के लिए कुछ वैकल्पिक कॉन्फ़िगरेशन।

Zsh के लिए kubectl कम्पलीशन स्क्रिप्ट kubectl completion zsh कमांड के साथ उत्पन्न की जा सकती है। आपके शेल में कम्पलीशन स्क्रिप्ट को सोर्स करने से kubectl ऑटो-कम्पलीशन सक्षम हो जाती है।

अपने सभी शेल सत्रों में ऐसा करने के लिए, निम्नलिखित को अपनी ~/.zshrc फ़ाइल में जोड़ें:

source <(kubectl completion zsh)

यदि आपके पास kubectl के लिए एक उपनाम है, तो आप उस उपनाम के साथ काम करने के लिए शेल कम्पलीशन को बढ़ा सकते हैं:

echo 'alias k=kubectl' >>~/.zshrc
echo 'complete -F __start_kubectl k' >>~/.zshrc

अपने शेल को पुनः लोड करने के बाद, kubectl ऑटो-कम्पलीशन कार्य करना चाहिए।

यदि आपको कोई त्रुटि मिलती है जैसे complete:13: command not found: compdef, तो अपनी ~/.zshrc फ़ाइल की शुरुआत में निम्नलिखित जोड़ें:

autoload -Uz compinit
compinit

4.1.4.6 - आगे क्या है?

kubectl इंस्टॉल करने के बाद आगे क्या है।

5 - ट्यूटोरियल

प्रलेखन के इस खंड में ट्यूटोरियल हैं। ट्यूटोरियल दिखाता है कि किसी एकल कार्य से बड़े लक्ष्य को कैसे पूरा किया जाए। आमतौर पर एक ट्यूटोरियल में कई खंड होते हैं, जिनमें से प्रत्येक में चरणों के क्रम होते हैं। प्रत्येक ट्यूटोरियल से परिचित होने से पहले, हम आपको मानकीकृत शब्दावली पृष्ट को बुकमार्क करने की सलाह देते हैं।

मूलभूत

विन्यास

स्टेटलेस एप्लीकेशन

स्टेटफुल एप्लीकेशन

क्लस्टर

सर्विस

आगे क्या है

यदि आप एक ट्यूटोरियल लिखना चाहते हैं, तो ट्यूटोरियल पेज प्रकार के बारे में जानकारी के लिए सामग्री पृष्ठ प्रकार देखें।

5.1 - हेलो मिनीक्यूब

यह ट्यूटोरियल आपको मिनिक्यूब और काटाकोडा का उपयोग करते हुए कुबेरनेट्स पर एक साधारण ऐप चलाने का तरीका दिखाता है। काटाकोडा आपके ब्राउज़र पर मुफ़्त कुबेरनेट्स वातावरण प्रदान करता है।

उद्देश्य

  • मिनीक्यूब में एक नमूना एप्लीकेशन डेप्लॉय करें।
  • ऐप को चलाएं।
  • एप्लिकेशन लॉग देखें।

शुरू करने से पहले

यह ट्यूटोरियल एक कंटेनर इमेज प्रदान करता है जो सभी अनुरोधों को प्रतिध्वनित करने के लिए NGINX का उपयोग करता है।

एक मिनीक्यूब क्लस्टर बनाएं

  1. Launch Terminal पर क्लिक करें।

  1. ब्राउज़र में कुबेरनेट्स डैशबोर्ड खोलें:

    minikube dashboard
    
  2. केवल काटाकोडा वातावरण के लिए: टर्मिनल फलक के शीर्ष पर, प्लस(+) चिह्न पर क्लिक करें, और फिर Select port to view on Host 1 क्लिक करें।

  3. केवल काटाकोडा वातावरण के लिए: 30000 टाइप करें, और फिर Display Port क्लिक करें।

URL से डैशबोर्ड खोलें

यदि आप वेब ब्राउज़र नहीं खोलना चाहते हैं, तो URL प्राप्त करने के लिए url फ़्लैग के साथ dashboard कमांड चलाएँ:

minikube dashboard --url

डेप्लॉयमेंट बनाएँ

कुबेरनेट्स पॉड एक या अधिक कंटेनरों का एक समूह है, जो प्रशासन और नेटवर्किंग के उद्देश्यों के लिए एक साथ बंधे होते हैं। इस ट्यूटोरियल के पॉड में केवल एक कंटेनर है। कुबेरनेट्स डेप्लॉयमेंट आपके पॉड के स्वास्थ्य की जाँच करता है और यदि पॉड बंद हो जाता है तो पॉड के कंटेनर को पुनः आरंभ करता है। पॉड्स के निर्माण और स्केलिंग को प्रबंधित करने के लिए डेप्लॉयमेंट अनुशंसित तरीका है।

  1. पॉड को प्रबंधित करने वाला डेप्लॉयमेंट बनाने के लिए kubectl create कमांड का उपयोग करें। पॉड प्रदान की गई डॉकर इमेज के आधार पर एक कंटेनर चलाता है।

    kubectl create deployment hello-node --image=k8s.gcr.io/echoserver:1.4
    
  2. डेप्लॉयमेंट देखें:

    kubectl get deployments
    

    आउटपुट कुछ इस समान होगा:

    NAME         READY   UP-TO-DATE   AVAILABLE   AGE
    hello-node   1/1     1            1           1m
    
  3. पॉड देखें:

    kubectl get pods
    

    आउटपुट कुछ इस समान होगा:

    NAME                          READY     STATUS    RESTARTS   AGE
    hello-node-5f76cf6ccf-br9b5   1/1       Running   0          1m
    
  4. क्लस्टर इवेंट देखें:

    kubectl get events
    
  5. kubectl कॉन्फ़िगरेशन देखें:

    kubectl config view
    

सर्विस बनाएं

आमतौर पर, पॉड कुबेरनेट्स क्लस्टर के भीतर अपने आंतरिक IP पते से ही पहुँचा जा सकता है। hello-node कंटेनर को कुबेरनेट्स वर्चुअल नेटवर्क के बाहर से सुलभ बनाने के लिए,पॉड को कुबेरनेट्स Service(सर्विस) के रूप में बेनकाब करना होगा।

  1. kubectl expose कमांड का उपयोग करके पॉड को सार्वजनिक इंटरनेट पर एक्सपोज़ करें:

    kubectl expose deployment hello-node --type=LoadBalancer --port=8080
    

    --type=LoadBalancer फ्लैग इंगित करता है कि आप क्लस्टर के बाहर अपने सर्विस को प्रदर्शित करना चाहते हैं।

    इमेज के अंदर एप्लिकेशन कोड k8s.gcr.io/echoserver केवल TCP पोर्ट 8080 पर सुनता है। यदि आपने किसी भिन्न पोर्ट को एक्सपोज़ करने के लिए kubectl एक्सपोज़ का उपयोग किया है, तो क्लाइंट उस अन्य पोर्ट से जुड़ नहीं सकते।

  2. आपके द्वारा बनाई गई सर्विस देखें:

    kubectl get service
    

    आउटपुट कुछ इस समान होगा:

    NAME         TYPE           CLUSTER-IP      EXTERNAL-IP   PORT(S)          AGE
    hello-node   LoadBalancer   10.108.144.78   <pending>     8080:30369/TCP   21s
    kubernetes   ClusterIP      10.96.0.1       <none>        443/TCP          23m
    

    लोड बैलेंसर्स का समर्थन करने वाले क्लाउड प्रदाताओं पर, सर्विस तक पहुंचने के लिए एक बाहरी IP पते का प्रावधान किया जाएगा। मिनीक्यूब पर, LoadBalancer टाइप minikube service कमांड से सर्विस को पहुंच योग्य बनाता है।

  3. निम्न आदेश चलाएँ:

    minikube service hello-node
    
  4. केवल काटाकोडा वातावरण के लिए: प्लस(+) चिह्न पर क्लिक करें, और फिर Select port to view on Host 1 क्लिक करें।

  5. केवल काटाकोडा वातावरण के लिए: सेवाओं के आउटपुट में 8080 के विपरीत प्रदर्शित 5 अंकों का पोर्ट नंबर नोट करें। यह पोर्ट नंबर बेतरतीब ढंग से उत्पन्न होता है और यह आपके लिए भिन्न हो सकता है। पोर्ट नंबर टेक्स्ट बॉक्स में अपना नंबर टाइप करें, फिर डिस्प्ले पोर्ट पर क्लिक करें। पहले के उदाहरण का उपयोग करते हुए, आप 30369 टाइप करेंगे।

    यह एक ब्राउज़र विंडो खोलता है जो आपके ऐप की प्रतिक्रिया दिखाती है।

ऐडऑन सक्षम करें

मिनीक्यूब टूल में बिल्ट-इन ऐडऑन(add on) का एक समूह शामिल है जिसे स्थानीय कुबेरनेट्स वातावरण में सक्षम, अक्षम और खोला जा सकता है।

  1. वर्तमान में उपलब्ध ऐडऑन की सूची:

    minikube addons list
    

    आउटपुट कुछ इस समान होगा:

    addon-manager: enabled
    dashboard: enabled
    default-storageclass: enabled
    efk: disabled
    freshpod: disabled
    gvisor: disabled
    helm-tiller: disabled
    ingress: disabled
    ingress-dns: disabled
    logviewer: disabled
    metrics-server: disabled
    nvidia-driver-installer: disabled
    nvidia-gpu-device-plugin: disabled
    registry: disabled
    registry-creds: disabled
    storage-provisioner: enabled
    storage-provisioner-gluster: disabled
    
  2. एक ऐडऑन सक्षम करें, उदाहरण के लिए, metrics-server:

    minikube addons enable metrics-server
    

    आउटपुट कुछ इस समान होगा:

    The 'metrics-server' addon is enabled
    
  3. आपके द्वारा बनाई गई पॉड और सर्विस देखें:

    kubectl get pod,service -n kube-system
    

    आउटपुट कुछ इस समान होगा:

    NAME                                        READY     STATUS    RESTARTS   AGE
    pod/coredns-5644d7b6d9-mh9ll                1/1       Running   0          34m
    pod/coredns-5644d7b6d9-pqd2t                1/1       Running   0          34m
    pod/metrics-server-67fb648c5                1/1       Running   0          26s
    pod/etcd-minikube                           1/1       Running   0          34m
    pod/influxdb-grafana-b29w8                  2/2       Running   0          26s
    pod/kube-addon-manager-minikube             1/1       Running   0          34m
    pod/kube-apiserver-minikube                 1/1       Running   0          34m
    pod/kube-controller-manager-minikube        1/1       Running   0          34m
    pod/kube-proxy-rnlps                        1/1       Running   0          34m
    pod/kube-scheduler-minikube                 1/1       Running   0          34m
    pod/storage-provisioner                     1/1       Running   0          34m
    
    NAME                           TYPE        CLUSTER-IP      EXTERNAL-IP   PORT(S)             AGE
    service/metrics-server         ClusterIP   10.96.241.45    <none>        80/TCP              26s
    service/kube-dns               ClusterIP   10.96.0.10      <none>        53/UDP,53/TCP       34m
    service/monitoring-grafana     NodePort    10.99.24.54     <none>        80:30002/TCP        26s
    service/monitoring-influxdb    ClusterIP   10.111.169.94   <none>        8083/TCP,8086/TCP   26s
    
  4. metrics-serverअक्षम करें:

    minikube addons disable metrics-server
    

    आउटपुट कुछ इस समान होगा:

    metrics-server was successfully disabled
    

साफ - सफाई

अब आप अपने क्लस्टर में बनाए गए संसाधनों को साफ कर सकते हैं:

kubectl delete service hello-node
kubectl delete deployment hello-node

वैकल्पिक रूप से, मिनिक्यूब वर्चुअल मशीन (VM) को बंद करें:

minikube stop

वैकल्पिक रूप से, मिनिक्यूब VM को डिलीट करें:

minikube delete

आगे क्या है

5.2 - बुनियादी कुबेरनेट्स सीखें

बुनियादी कुबेरनेट्स

यह ट्यूटोरियल कुबेरनेट्स क्लस्टर ऑर्केस्ट्रेशन सिस्टम की मूल बातों का पूर्वाभ्यास प्रदान करता है। प्रत्येक मॉड्यूल में कुबेरनेट्स की प्रमुख विशेषताओं और अवधारणाओं पर कुछ जानकारी और एक इंटरैक्टिव ऑनलाइन ट्यूटोरियल शामिल होते हैं। ये इंटरेक्टिव ट्यूटोरियल आपको अपने लिए एक साधारण क्लस्टर और इसके कंटेनरीकृत एप्लीकेशन का प्रबंधन करने देते हैं।

इंटरैक्टिव ट्यूटोरियल का उपयोग करके, आप सीख सकते हैं:

  • एक क्लस्टर पर कंटेनरीकृत एप्लीकेशन डिप्लॉय करें।
  • डिप्लॉयमेंट को स्केल करें।
  • नए सॉफ़्टवेयर संस्करण के साथ कंटेनरीकृत एप्लिकेशन को अपडेट करें।
  • कंटेनरीकृत एप्लिकेशन को डीबग करें।

ट्यूटोरियल आपके वेब ब्राउज़र में एक वर्चुअल टर्मिनल चलाने के लिए कटाकोडा का उपयोग करते हैं जो मिनिक्यूब नामक कुबेरनेट्स का एक छोटा स्थानीय डिप्लॉयमेंट चलाता है। कोई सॉफ़्टवेयर स्थापित करने या कुछ भी कॉन्फ़िगर करने की कोई आवश्यकता नहीं है; प्रत्येक इंटरैक्टिव ट्यूटोरियल सीधे आपके वेब ब्राउज़र से ही चलता है।


कुबेरनेट्स आपके लिए क्या कर सकता है?

आधुनिक वेब सेवाओं के साथ उपयोगकर्ता उम्मीद करते हैं कि एप्लिकेशन 24/7 उपलब्ध होंगे, और डेवलपर्स उन एप्लिकेशन के नए संस्करणों को दिन में कई बार डिप्लॉय करने की उम्मीद करते हैं। कंटेनरीकरण पैकेज सॉफ़्टवेयर को इन लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करता है, जिससे एप्लिकेशन बिना डाउनटाइम के रिलीज़ और अपडेट किए जा सकते हैं। कुबेरनेट्स आपको यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि वे कंटेनरीकृत एप्लिकेशन जहां और जब आप चाहते हैं, चलते हैं, और उन्हें उन संसाधनों और उपकरणों को खोजने में मदद करते हैं जिनकी उन्हें काम करने के लिए आवश्यकता होती है। कुबेरनेट्स एक उत्पादन के लिए तैयार, ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म है जिसे कंटेनर ऑर्केस्ट्रेशन में गूगल के संचित अनुभव के साथ डिज़ाइन किया गया है और समुदाय के उत्तम विचारों से संयुक्त है।


5.2.1 - एक क्लस्टर बनाएं

5.2.1.1 - Minikube का उपयोग कर क्लस्टर बनाना

उद्देश्य

  • जानें कुबेरनेट्स क्लस्टर क्या है।
  • जानें मिनिक्यूब क्या है।
  • एक ऑनलाइन टर्मिनल का उपयोग करके कुबेरनेट्स क्लस्टर प्रारंभ करें।

कुबेरनेट्स क्लस्टर

कुबेरनेट्स उन कंप्यूटरों के समूह को प्रबंधित करने में मदद करता है जो एक इकाई के रूप में काम करने के लिए जुड़े होते हैं। कुबेरनेट्स के एब्स्ट्रैक्शन आपको कंटेनरीकृत एप्लिकेशन को अलग-अलग मशीनों में चलाए बिना क्लस्टर डिप्लॉय करने की अनुमति देता है। डिप्लॉयमेंट के इस नए मॉडल का उपयोग करने के लिए, एप्लिकेशन को इस तरह से पैक किया जाना चाहिए जो उन्हें विभिन्न होस्ट से अलग करता है: उन्हें कंटेनरीकृत किया गया हो। कंटेनरीकृत एप्लिकेशन पिछले डिप्लॉयमेंट मॉडल की तुलना में अधिक लचीले और उपलब्ध हैं, जहां विभिन्न मशीनों पर सीधे एप्लिकेशन इंस्टॉल किए गए थे क्योंकि पैकेज को होस्ट में गहराई से एकीकृत किया गया था। कुबेरनेट्स एक क्लस्टर में एप्लिकेशन कंटेनरों के वितरण और शेड्यूलिंग को अधिक कुशल तरीके से स्वचालित करता है। कुबेरनेट्स एक ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म है और उत्पादन के लिए तैयार है।

कुबेरनेट्स क्लस्टर में दो प्रकार के संसाधन होते हैं:

  • कंट्रोल प्लेन क्लस्टर का समन्वय करता है
  • नोड्स वे कर्मचारी हैं जो एप्लिकेशन चलाते हैं

सारांश:

  • कुबेरनेट्स क्लस्टर
  • मिनिक्यूब

कुबेरनेट्स एक प्रोडक्शन-ग्रेड, ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म है जो कंप्यूटर क्लस्टर के भीतर और उसके भीतर एप्लिकेशन कंटेनरों के प्लेसमेंट (शेड्यूलिंग) और निष्पादन को व्यवस्थित करता है।


क्लस्टर आरेख


कंट्रोल प्लेन क्लस्टर के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। कंट्रोल प्लेन आपके क्लस्टर में सभी गतिविधियों का समन्वय करता है, जैसे एप्लिकेशन शेड्यूल करना, एप्लिकेशन की वांछित स्थिति को बनाए रखना, एप्लिकेशन को स्केल करना और नए अपडेट रोल आउट करना।

नोड एक VM या एक भौतिक कंप्यूटर है जो कुबेरनेट्स क्लस्टर में एक वर्कर मशीन के रूप में कार्य करता है। प्रत्येक नोड में एक kubelet होता है, जो नोड के प्रबंधन और कुबेरनेट्स नियंत्रण के साथ संचार करने के लिए एक एजेंट है। नोड में कंटेनर संचालन को संभालने के लिए उपकरण भी होने चाहिए, जैसे कि containerd या Docker। उत्पादन ट्रैफ़िक को संभालने वाले कुबेरनेट्स क्लस्टर में कम से कम तीन नोड होने चाहिए।

कंट्रोल प्लेन क्लस्टर और नोड्स को मैनेज करते हैं जिनका उपयोग रनिंग एप्लिकेशन को होस्ट करने के लिए किया जाता है।

जब आप कुबेरनेट्स पर एप्लिकेशन डिप्लॉयमेंट करते हैं, तो आप कंट्रोल प्लेन को एप्लिकेशन कंटेनर शुरू करने के लिए कहते हैं। नियंत्रण विमान कंटेनरों को क्लस्टर के नोड्स पर चलाने के लिए शेड्यूल करता है। नोड्स कुबेरनेट्स एपीआई का उपयोग करके कंट्रोल प्लेन के साथ संचार करते हैं, जिसे कंट्रोल प्लेन एक्सपोज करता है। अंतिम उपयोगकर्ता भी कुबेरनेट्स एपीआई का उपयोग सीधे क्लस्टर के साथ बातचीत करने के लिए कर सकते हैं।

कुबेरनेट्स क्लस्टर को भौतिक या वर्चुअल मशीनों पर तैनात किया जा सकता है। कुबेरनेट्स विकास के साथ आरंभ करने के लिए, आप मिनिक्यूब का उपयोग कर सकते हैं। मिनिक्यूब एक हल्का कुबेरनेट्स कार्यान्वयन है जो आपकी स्थानीय मशीन पर एक वीएम बनाता है और केवल एक नोड वाला एक साधारण क्लस्टर तैनात करता है। मिनिक्यूब Linux , MacOS और Windows सिस्टम के लिए उपलब्ध है। मिनिक्यूब CLI आपके क्लस्टर के साथ काम करने के लिए बुनियादी बूटस्ट्रैपिंग संचालन प्रदान करता है, जिसमें स्टार्ट, स्टॉप, स्टेटस और डिलीट शामिल हैं। हालांकि, इस ट्यूटोरियल के लिए, आप मिनीक्यूब के साथ पहले से इंस्टॉल किए गए ऑनलाइन टर्मिनल का उपयोग करेंगे।

अब जब आप जानते हैं कि कुबेरनेट्स क्या है, तो आइए ऑनलाइन ट्यूटोरियल पर जाएं और अपना पहला क्लस्टर शुरू करें!


5.2.1.2 - इंटरएक्टिव ट्यूटोरियल - एक क्लस्टर बनाना

टर्मिनल के साथ इंटरैक्ट करने के लिए स्क्रीन बहुत संकरी है, कृपया डेस्कटॉप या टैबलेट का उपयोग करें।

5.2.2 - डिप्लॉय ऐप

5.2.2.1 - डिप्लॉयमेंट बनाने के लिए kubectl का उपयोग करना

उद्देश्यों

  • एप्लिकेशन डिप्लॉयमेंट के बारे में जानें।
  • कुबेरनेट्स पर kubectl के साथ अपना पहला ऐप डिप्लॉय करें।

कुबेरनेट्स डिप्लॉयमेंट

एक बार जब आपके पास कुबेरनेट्स क्लस्टर चल रहा हो, तो आप इसके ऊपर अपने कंटेनरीकृत एप्लीकेशन को तैनात कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए, आप कुबेरनेट्स डिप्लॉयमेंट कॉन्फ़िगरेशन बनाते हैं। डिप्लॉयमेंट कुबेरनेट्स को निर्देश देता है कि आपके आवेदन के उदाहरण कैसे बनाएं और अपडेट करें। एक बार जब आप एक डिप्लॉयमेंट बना लेते हैं, तो कुबेरनेट्स कंट्रोल प्लेन उस डिप्लॉयमेंट में शामिल एप्लिकेशन इंस्टेंस को क्लस्टर में अलग-अलग नोड्स पर चलाने के लिए शेड्यूल करता है।

एक बार एप्लिकेशन इंस्टेंस बन जाने के बाद, कुबेरनेट्स डिप्लॉयमेंट कंट्रोलर लगातार उन इंस्टेंस की निगरानी करता है। यदि किसी इंस्टेंस को होस्ट करने वाला नोड बंद हो जाता है या हटा दिया जाता है, तो डिप्लॉयमेंट कंट्रोलर क्लस्टर में इंस्टेंस को किसी अन्य नोड के इंस्टेंस से बदल देता है। यह मशीन की विफलता या रखरखाव को दूर करने के लिए एक स्व-उपचार तंत्र प्रदान करता है।

पूर्व-ऑर्केस्ट्रेशन की दुनिया में, इंस्टॉलेशन स्क्रिप्ट का उपयोग अक्सर एप्लीकेशन को शुरू करने के लिए किया जाता था, लेकिन वे मशीन की विफलता से पुनर्प्राप्ति की अनुमति नहीं देते हैं। कुबेरनेट्स डिप्लॉयमेंट आपके एप्लिकेशन इंस्टेंस को बनाकर और उन्हें नोड्स पर चालू रखते हुए, एप्लिकेशन प्रबंधन के लिए एक मौलिक रूप से अलग दृष्टिकोण प्रदान करता है।

सारांश:

  • डिप्लॉयमेंट
  • kubectl

आपके एप्लिकेशन के इंस्टेंस बनाने और अपडेट करने के लिए एक डिप्लॉयमेंट जिम्मेदार है


कुबेरनेट्स पर अपना पहला ऐप डिप्लॉय करें


आप कुबेरनेट्स कमांड लाइन इंटरफेस, kubectl का उपयोग करके डिप्लॉयमेंट बना और प्रबंधित कर सकते हैं। kubectl क्लस्टर के साथ बातचीत करने के लिए कुबेरनेट्स एपीआई का उपयोग करता है। इस मॉड्यूल में, आप कुबेरनेट्स क्लस्टर पर आपके एप्लिकेशन चलाने वाले डिप्लॉयमेंट बनाने के लिए आवश्यक सबसे सामान्य kubectl कमांड सीखेंगे।

जब आप कोई डिप्लॉयमेंट बनाते हैं, तो आपको अपने एप्लिकेशन के लिए कंटेनर इमेज और चलाने के लिए इच्छित प्रतिकृतियों की संख्या निर्दिष्ट करने की आवश्यकता होगी। आप अपने कामकाज को अपडेट करके बाद में उस जानकारी को बदल सकते हैं; बूटकैंप के मॉड्यूल 5 और 6 चर्चा करते हैं कि आप अपने डिप्लॉयमेंट को कैसे स्केल और अपडेट कर सकते हैं।

कुबेरनेट्स पर डिप्लॉयड होने के लिए एप्लीकेशन को समर्थित कंटेनर प्रारूपों में से एक में पैक करने की आवश्यकता है

अपने पहले डिप्लॉयमेंट के लिए, आप एक डॉकर कंटेनर में पैक किए गए हैलो-नोड एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे जो सभी अनुरोधों को प्रतिध्वनित करने के लिए NGINX का उपयोग करता है। (यदि आपने पहले से हैलो-नोड एप्लिकेशन बनाने और कंटेनर का उपयोग करके इसे तैनात करने का प्रयास नहीं किया है, तो आप पहले हेलो Minikube ट्यूटोरियल के निर्देशों का पालन करके ऐसा कर सकते हैं)।

अब जब आप जानते हैं कि डिप्लॉयमेंट क्या हैं, तो चलिए ऑनलाइन ट्यूटोरियल पर चलते हैं और अपना पहला ऐप डिप्लॉय करते हैं!